नासिक इंडस्ट्री सेशन में सिक्स सिग्मा टिप्स साझा किए गए (फोटो नवभारत)
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बिना बड़ा निवेश बढ़ाएं मुनाफा! नासिक के उद्यमियों को सिक्स सिग्मा विशेषज्ञ ने दिया सफलता का मंत्र

Six Sigma Tips To Boost Profit: निमा के सत्र में सिक्स सिग्मा विशेषज्ञ अजोल शाह ने बिना बड़े निवेश के उत्पादन क्षमता बढ़ाने और लागत घटाने के उपाय बताए। अपव्यय कम कर मुनाफा बढ़ाने पर जोर दिया।

आलोक उमाकृष्ण

Nashik Industry Session Shares Tips: सिक्स सिग्मा विशेषज्ञ अजोल शाह ने प्रतिपादित किया कि उद्योगों में बड़ा पूंजीगत निवेश किए बिना भी उत्पादन क्षमता बढ़ाना, अनावश्यक खर्च कम करना और मुनाफे में वृद्धि करना संभव है।

इसके लिए उपलब्ध मशीनरी, कार्यबल और संसाधनों का अधिक कुशल उपयोग करने की आवश्यकता है। 'निमा हाउस' में नासिक इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (निमा) और जे.डी.एक्स. कंटिन्युअम के संयुक्त तत्वावधान में 'मोअर प्रॉफिट, लेस कॉस्ट' विषय पर एक विशेष व्यावहारिक सत्र का आयोजन किया गया।

इस चर्चा सत्र को संबोधित करते हुए शाह ने उक्त विचार व्यक्त किए। उद्योगपतियों और विनिर्माण क्षेत्र के प्रबंधकों के लिए आयोजित इस सत्र को उद्यमियों का जबरदस्त प्रतिसाद मिला।

सिक्स सिग्मा विशेषज्ञ

मंच पर नासिक इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष नहार, सिक्स सिग्मा विशेषज्ञ अजोल शाह, निमा सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष संतोष मंडलेचा, सैमसोनाइट के पूर्व उपाध्यक्ष व लेपेरा इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक वाई. एम. सिंह और सुयश अस्पताल के प्रशासनिक निदेशक डॉ. हेमंत ओस्तवाल उपस्थित थे।

अमेरिका और कनाडा के विनिर्माण क्षेत्र में दस वर्षों का अनुभव रखने वाले अजोल शाह ने भारत के विनिर्माण क्षेत्र की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए विभिन्न व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी। केवल सैद्धांतिक मार्गदर्शन देने के बजाय उन्होंने उन पद्धतियों को समझाया जिन्हें सीधे कारखानों में तुरंत लागू किया जा सकता है।

कट द वेस्ट और फिक्स इट वंस

नासिक जिले में सत्र का मुख्य जोर तीन सूत्रों पर था, 'डू इट राइट', 'कट द वेस्ट' और 'फिक्स इट वंस'। 'डू इट राइट' के तहत उत्पादन प्रक्रिया में कार्यप्रणाली को मानकीकृत और सुसंगत रखने के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

'कट द वेस्ट' संकल्पना में उत्पादन प्रक्रिया में दैनिक समय, धन और उत्पादकता के अपव्यय को पहचानने तथा उसे कम करने के तरीके बताए गए। वहीं 'फिक्स इट वंस' के अंतर्गत बार-बार सामने आने वाली समस्याओं पर अस्थायी समाधान के बजाय उनके मूल कारणों की पहचान कर स्थायी समाधान निकालने की पद्धति समझाई गई।

निमा के अध्यक्ष आशीष नहार ने मार्गदर्शन करते हुए कहा कि उद्योग का मुनाफा बढ़ाने के लिए हमेशा नई मशीनरी, अतिरिक्त जनशक्ति या बड़े निवेश की आवश्यकता नहीं होती।

उत्पादन में अपव्यय को दूर करके और कार्यप्रणाली में सुधार लाकर उपलब्ध संसाधनों से भी उत्कृष्ट कार्यक्षमता हासिल की जा सकती है। इस अवसर पर कैलाश पाटिल, नितिन आव्हाड, गोविंद बोरसे सहित विभिन्न गणमान्य व्यक्ति व उद्यमी उपस्थित थे।

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