Nashik Farmers Suicide Attempt In Wadgaon: महाराष्ट्र दिवस के पावन अवसर पर जहाँ एक ओर प्रशासनिक संकुल में ध्वजारोहण की तैयारियां चल रही थीं, वहीं दूसरी ओर शनिवार को वडगांव के कुछ किसानों ने आत्मदाह का प्रयास कर पूरे परिसर में अफरा-तफरी मचा दी।
अपनी मांगों को लेकर उग्र हुए किसानों ने अपने ऊपर डीजल छिड़क लिया, जिससे मौके पर मौजूद अधिकारियों और पुलिस बल के हाथ-पांव फूल गए। हालांकि, पुलिस की तत्परता से एक बड़ी अनहोनी को समय रहते रोक लिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब प्रशासनिक संकुल में कार्यक्रम चल रहा था, तभी अचानक सात प्रदर्शनकारियों ने बिना किसी पूर्व अनुमति के भीड़ जुटानी शुरू कर दी। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, नवनाथ बापू जाधव, देविदास धोंडीराम जाधव, बापू बंडू जाधव और प्रशांत अंबादास जाधव सहित अन्य किसानों ने डीजल की कैन निकाल ली और उसे अपने ऊपर उड़ेलने की कोशिश की। मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों ने फुर्ती दिखाते हुए उनके हाथों से कैन छीन ली और उन्हें सुरक्षित दूरी पर ले गए।
यह पूरा मामला वडगांव बल्हे शिवार के गट संख्या 31/2/1, 31/2/2 और 31/2/3 के अंतर्गत आने वाले कृषि मार्ग से जुड़ा है। संबंधित किसानों ने इस रास्ते को खोलने के लिए लंबे समय से शिकायत दर्ज कराई थी। तहसीलदार आबा महाजन के स्पष्टीकरण के अनुसार, इस मामले में कानूनी फैसला पहले ही शिकायतकर्ता किसानों के पक्ष में आ चुका है। प्रशासन नियमों के तहत रास्ता खोलने की प्रक्रिया पर काम कर रहा है, लेकिन तकनीकी अड़चनों के कारण इसमें देरी हो रही थी।
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मामला तब और गंभीर हो गया जब मंडल अधिकारी जयश्री शेटे ने 30 अप्रैल 2026 को इस विवाद से संबंधित पक्षों को औपचारिक नोटिस देने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि कुछ किसानों द्वारा नोटिस स्वीकार न किए जाने और प्रक्रिया में बाधा डालने के कारण विवाद गहरा गया। इसी प्रशासनिक देरी और आपसी तनाव से नाराज होकर किसानों ने आत्मघाती कदम उठाने का फैसला किया। फिलहाल पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।