Nashik Fake Currency Racket Busted: महाराष्ट्र के नासिक से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पुलिस प्रशासन और आम जनता के होश उड़ा दिए हैं। नासिक-त्र्यंबकेश्वर रोड पर स्थित एक शांत से दिखने वाले बंगले के भीतर मौत का नहीं, बल्कि काले धन के सफेद खेल का कारखाना चल रहा था।
यहां जाली नोट बनाने का एक पूरा साम्राज्य संचालित किया जा रहा था, जिसका पर्दाफाश अब नासिक पुलिस ने कर दिया है।
इस गिरोह का ऑफर किसी जादुई स्कीम या फिल्मी कहानी जैसा था 10 लाख रुपये के असली नोट दो और बदले में 30 लाख रुपये के जाली नोट ले जाओ। इसी लालच के जाल में कई लोगों को फंसाया जा रहा था।
नासिक ग्रामीण और शहर पुलिस की संयुक्त टीम ने जब नासिक के तलेगांव इलाके में स्थित एक निजी बंगले पर छापेमारी की, तो नजारा देखकर उनकी आंखें फटी रह गईं। पुलिस ने यह कार्रवाई ठीक उसी समय की जब आरोपी 10 लाख रुपये के असली नोटों के बदले 30 लाख के नकली नोटों का सौदा कर रहे थे।
आरोपियों द्वारा नोट छापने का तरीका इतना शातिर था कि पहली नजर में असली और नकली का फर्क करना नामुमकिन था। पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी केवल साधारण प्रिंटर का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे, बल्कि एक विशेष केमिकल तकनीक का प्रयोग कर रहे थे।
वे असली नोटों को एक खास केमिकल में डुबोते थे और फिर उनकी स्याही को दूसरे कागज पर उतारकर हूबहू दिखने वाले जाली नोट तैयार कर लेते थे। इस प्रक्रिया का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें बंगले के अंदर नोटों की छपाई का पूरा सेटअप देखा जा सकता है।
नासिक ग्रामीण पुलिस अधीक्षक डॉ. डी. एस. स्वामी के मार्गदर्शन में इस पूरी छापेमारी को अंजाम दिया गया। पुलिस ने मौके से पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान अमरेश्वर आईथा, मच्छिंद्र घनदाट, हिरामण दाते, गोकुल दाते और दासरी सत्यइ के रूप में हुई है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने केवल जाली नोट ही नहीं, बल्कि नोट छापने वाली मशीनें, प्रिंटिंग सामग्री, भारी मात्रा में केमिकल और लाखों रुपये का अन्य माल भी जब्त किया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इस गिरोह के तार केवल नासिक या महाराष्ट्र तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि यह एक अंतरराज्यीय रैकेट है जिसके कनेक्शन पूरे देश में फैले हुए हैं।
इस खुलासे के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है, क्योंकि किसी को भनक तक नहीं थी कि एक पॉश बंगले में इतने बड़े पैमाने पर देश की अर्थव्यवस्था को खोखला करने का काम चल रहा था। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके कस्टमर्स की तलाश में जुटी है।