खरीफ सीजन 2026 में सूखे से प्रभावित किसानों को राहत देने का निर्णय।
नाशिक जिले की 13 सूखाग्रस्त तहसीलों के किसानों को प्रति किसान 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता।
बैंक सहायता राशि को किसी अन्य कर्ज खाते में ट्रांसफर या समायोजित नहीं कर सकेंगे।
जिस खाते में सरकारी अनुदान आएगा, उसे बैंक होल्ड नहीं कर सकेंगे।
नियमों का उल्लंघन करने वाले बैंकों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी।
Nashik Ayush Prasad Drought Relief Funds Farmer: नासिक जिले की 13 सूखाग्रस्त तहसीलों के किसानों को मिलने वाली 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता राशि से बैंक कर्ज वसूली नहीं कर सकेंगे। जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने बैंकों को निर्देश दिया है कि अनुदान राशि दूसरे कर्ज खाते में समायोजित न करें और सहायता जमा होने वाले खाते को होल्ड भी न करें।
नासिक, खरीफ सीजन 2026 में सूखे की मार झेल रहे किसानों को राज्य सरकार की आर्थिक सहायता का पूरा लाभ दिलाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। अब किसानों के बैंक खाते में जमा होने वाली सरकारी सहायता राशि से बैंक कर्ज की वसूली नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा अनुदान की रकम को किसी दूसरे कर्ज खाते में हस्तांतरित या समायोजित करने पर भी रोक लगा दी गई है।
जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने नासिक जिले की सभी राष्ट्रीयकृत और सहकारी बैंकों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी राहत राशि बिना किसी बाधा के सीधे प्रभावित किसानों तक पहुंचे।
राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन, सहायता एवं पुनर्वास विभाग की ओर से 27 अक्टूबर 2026 को जारी शासनादेश के अनुसार, नासिक जिले की 13 सूखाग्रस्त तहसीलों के किसानों को प्रति किसान 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता घोषित की गई है। दीपावली से पहले यह राशि किसानों के बैंक खातों में जमा कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
प्रभावित किसानों की संख्या अधिक होने के कारण प्रशासन ने बैंकों को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि सहायता राशि का इस्तेमाल किसान अपनी जरूरतों के लिए कर सकें।
जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को मिलने वाली सरकारी सहायता किसी भी परिस्थिति में उनके दूसरे कर्ज खाते में ट्रांसफर या समायोजित नहीं की जाएगी। जिस बैंक खाते में अनुदान जमा होगा, उसे भी किसी प्रकार से होल्ड नहीं किया जा सकेगा।
इस निर्देश से किसानों को राहत राशि निकालने और उसका उपयोग करने में परेशानी नहीं होगी। बैंक सरकारी सहायता को अपने बकाया कर्ज की वसूली के लिए इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
प्रशासन ने बैंकों को चेतावनी दी है कि यदि किसी बैंक द्वारा सरकारी सहायता राशि को दूसरे कर्ज खाते में हस्तांतरित या समायोजित करने अथवा लाभार्थी का खाता होल्ड करने की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित बैंक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि सूखे से प्रभावित किसानों तक सरकारी मदद बिना किसी कटौती और रुकावट के पहुंचना सुनिश्चित किया जाएगा।