दिवाली से पहले नाशिक के प्रमुख बाजारों में खरीदारों की भीड़।
कपड़े, आभूषण, मिठाई और सजावटी सामान की दुकानों पर बढ़ी चहल-पहल।
विकास कार्यों की खुदाई और खराब सड़कों से यातायात प्रभावित।
पटाखों के स्टॉल पर अब तक ग्राहकों की आवाजाही कम।
त्योहार के शेष दिनों में ट्रैफिक संभालना पुलिस और प्रशासन के सामने चुनौती।
Nashik Firecracker Market Slow Response Diwali Shopping: दिवाली नजदीक आने के साथ नासिक के प्रमुख बाजारों में खरीदारी के लिए भीड़ बढ़ गई है। पहले से खुदाई और बारिश से खराब सड़कों के बीच वाहनों की आवाजाही धीमी पड़ रही है। दूसरी ओर, पटाखा बाजार में अब तक ग्राहकों की अपेक्षित भीड़ नहीं पहुंची है।
नासिक,दिवाली की तैयारियों के बीच नासिक के प्रमुख बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ने लगी है। सोमवार सुबह से ही मुख्य बाजारपेठ में लोगों की आवाजाही बढ़ गई। कपड़े, आभूषण, मिठाई, सजावटी सामान, पूजा सामग्री और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ दिखाई दी।
हालांकि, बाजारों में बढ़ती रौनक के साथ शहर की यातायात व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ गया है। विकास कार्यों के लिए की गई सड़क खुदाई, बारिश से खराब हुए रास्तों और वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण कई जगह यातायात धीमा पड़ गया।
पिछले कुछ महीनों से शहर में विभिन्न विकास कार्यों के चलते कई प्रमुख सड़कों की खुदाई की गई है। कुछ स्थानों पर काम पूरा होने के बाद भी सड़कों की स्थिति पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो पाई है। बारिश के दौरान भी नागरिकों को आवागमन में परेशानी हुई थी।
हाल ही में राष्ट्रपति की उपस्थिति में आयोजित धर्मध्वजारोहण समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियंत्रण के चलते शहर के कई हिस्सों में जाम की स्थिति बनी थी। अब दिवाली की खरीदारी के लिए उमड़ रही भीड़ ने यातायात की समस्या को और बढ़ा दिया है।
मुख्य बाजार में जहां खरीदारों की चहल-पहल बढ़ी है, वहीं पटाखा बाजार में अपेक्षित रौनक नजर नहीं आ रही। पटाखों के स्टॉल पर ग्राहकों की संख्या कम है और कई दुकानें अब भी खरीदारों का इंतजार कर रही हैं।
दिवाली नजदीक होने के बावजूद पटाखों की खरीदारी की रफ्तार धीमी है। कारोबारियों को उम्मीद है कि त्योहार के नजदीक आने के साथ ग्राहक बाजार का रुख करेंगे और बिक्री में तेजी आएगी।
मुख्य बाजार के अलावा नासिक शहर के अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में भी खरीदारी का माहौल है, हालांकि वहां भीड़ अपेक्षाकृत कम रही। बाजारों में बढ़ती भीड़ और सड़कों पर वाहनों की आवाजाही के कारण कई स्थानों पर यातायात की गति धीमी पड़ गई।
पहले से खराब सड़कों और खुदाई से परेशान नागरिकों को अब त्योहार की भीड़ के कारण दोहरी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। दिवाली के शेष दिनों में बाजारों में भीड़ और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्रमुख बाजारों के आसपास यातायात सुचारु रखना पुलिस और स्थानीय प्रशासन के सामने अहम चुनौती होगी।