सिंहस्थ ध्वजारोहण, गोदाआरती और वीआईपी दौरों के दौरान पुलिस से विवाद करने वाले युवाओं की पहचान।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पोस्ट पर साइबर पुलिस की नजर।
युवाओं को अपराध शाखा में बुलाकर की गई विस्तृत काउंसलिंग।
कई युवाओं ने गलती स्वीकार कर सोशल मीडिया पर माफी के वीडियो अपलोड किए।
दोबारा ऐसी हरकत करने पर सीधे कानूनी कार्रवाई की चेतावनी।
Nashik Crime Branch Counselling Social Media Influencers Warning: सिंहस्थ कुंभ की सुरक्षा व्यवस्था के दौरान रील्स बनाने और सोशल मीडिया पर व्यूज-लाइक्स पाने के लिए पुलिसकर्मियों से विवाद करने वाले युवाओं पर साइबर पुलिस ने कार्रवाई की है। युवाओं की पहचान कर उन्हें अपराध शाखा में बुलाया गया और काउंसलिंग के साथ चेतावनी दी गई। इसके बाद कुछ युवाओं ने सोशल मीडिया पर माफी के वीडियो भी अपलोड किए।
नासिक शहर में सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों और धार्मिक आयोजनों के दौरान सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए कुछ युवाओं ने पुलिसकर्मियों से विवाद करने का रास्ता अपनाया। ड्यूटी पर तैनात पुलिस से जानबूझकर उलझने और उसका वीडियो बनाकर रील्स के रूप में अपलोड करने वालों पर अब साइबर पुलिस ने शिकंजा कसा है। पुलिस ने ऐसे युवाओं की पहचान कर उन्हें अपराध शाखा में बुलाया और उनकी काउंसलिंग की।
सिंहस्थ ध्वजारोहण, गोदाआरती और वीआईपी दौरों के दौरान शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हजारों पुलिस अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात ड्यूटी कर रहे हैं। इसी बीच कुछ युवाओं ने सोशल मीडिया पर व्यूज और लाइक्स पाने के लिए पुलिसकर्मियों से जानबूझकर विवाद किया।
आरोप है कि इन युवाओं ने विवाद के दौरान वीडियो बनाए और उन्हें इंस्टाग्राम तथा फेसबुक पर रील्स के रूप में अपलोड कर दिया। कुछ मामलों में पुलिस के कामकाज में बाधा डालने और भ्रामक सामग्री प्रसारित करने जैसी गतिविधियां भी सामने आईं।
साइबर पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे ऐसे वीडियो और पोस्ट को गंभीरता से लिया। संबंधित वीडियो की निगरानी कर पुलिसकर्मियों से विवाद करने वाले युवाओं की पहचान की गई। इसके बाद उन्हें अपराध शाखा में बुलाकर सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता समझाई गई और विस्तृत काउंसलिंग की गई।
पुलिस की कार्रवाई के बाद कई युवाओं ने अपनी गलती स्वीकार की और सोशल मीडिया पर माफी के वीडियो अपलोड किए। पुलिस ने उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी कि सार्वजनिक आयोजनों के दौरान इस तरह की गतिविधियां सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं।
पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि सार्वजनिक उत्सवों और सिंहस्थ कुंभ जैसे संवेदनशील आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर साइबर सेल की विशेष नजर रहेगी। भविष्य में पुलिसकर्मियों से जानबूझकर विवाद करने, सरकारी कामकाज में बाधा डालने या भ्रामक सामग्री फैलाने की पुनरावृत्ति होने पर संबंधित युवाओं के खिलाफ सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।