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नाशिक में बच्चों के यौन शोषण से जुड़े करीब 250 वीडियो ऑनलाइन प्रसारित किए जाने का मामला सामने आया।
पुलिस के अनुसार, संदिग्ध गतिविधि 11 नवंबर 2024 से 27 जुलाई 2026 के बीच हुई।
केंद्रीय गृह मंत्रालय से मिले अलर्ट के बाद तकनीकी साक्ष्यों की जांच की गई।
23 टिपलाइन आईडी, प्रोफाइल और संबंधित मोबाइल धारकों के खिलाफ अपराध दर्ज।
Child Abuse Videos Social Media Case: नाशिक में बच्चों के यौन शोषण से जुड़े करीब 250 अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, यह गतिविधि करीब डेढ़ से पौने दो साल तक जारी रही।
मामले में साइबर पुलिस ने 23 टिपलाइन आईडी धारकों, प्रोफाइल धारकों और संबंधित मोबाइल धारकों के खिलाफ अपराध दर्ज किए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय से मिले अलर्ट के बाद तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर यह कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार, 11 नवंबर 2024 से 27 जुलाई 2026 के बीच संदिग्धों ने बच्त्वों के यौन शोषण से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए। अंतरराष्ट्रीय साइबर टिपलाइन और नाशिक शहर से जुड़े आईपी एड्रेस की जांच में करीब 250 वीडियो अपलोड
किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके आधार पर 23 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर तकनीकी विश्लेषण के जरिए आगे की जांच की जा रही है।
नासिक पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि वीडियो किन परिस्थितियों में साझा किए गए और क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय था। बच्चों की तस्करी या सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल, बनाकर अभिभावको अथवा नाबालिगों को ब्लैकमेल करने की आशंका की भी जांच की जा रही है।
हालांकि, इन पहलुओं की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने अपील की है कि सोशल मीडिया समूहों में ऐसे वीडियो दिखाई देने पर उन्हें आगे प्रसारित न करें और तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें।
बच्चों के यौन शोषण से जुड़े अश्लील वीडियो को आगे भेजना या अपने मोबाइल में डाउनलोड कर रखना भी गंभीर कानूनी अपराध हो सकता है। मामले की आगे की जांच साइबर पुलिस कर रही है।