मालेगांव में महीने की 12 तारीख बीतने के बाद भी राशन दुकानों तक अनाज नहीं पहुंचा
बीपीएल श्रेणी में 2,17,137 लाभार्थी, अंत्योदय योजना के 16,541 कार्डधारक
नया गोदाम शहर से करीब 8 किलोमीटर दूर होने से ढुलाई पर विवाद
दशहरे के दौरान भी लाभार्थियों को राशन के लिए करना पड़ा इंतजार
खाद्य प्रशासन को अगले दो दिनों में समस्या सुलझने की उम्मीद
Nashik Malegaon Ration Crisis Public Distribution Delay: नासिक ज़िले के मालेगांव में राशन दुकानों तक अनाज नहीं पहुंचने से लाखों लाभार्थी परेशान हैं। गोदाम बदलने के बाद अनाज की ढुलाई को लेकर प्रशासन और परिवहनकर्ताओं के बीच विवाद के कारण गेहूं, चावल और ज्वार की आपूर्ति प्रभावित हुई है। खाद्य प्रशासन ने दो दिनों में समस्या सुलझने की उम्मीद जताई है।
नासिक ज़िले के मालेगांव शहर में राशन वितरण में देरी के कारण गरीब और जरूरतमंद परिवारों की परेशानी बढ़ गई है। महीने की 12 तारीख बीतने के बावजूद राशन दुकानों तक अनाज नहीं पहुंचने से लाभार्थियों को गेहूं, चावल और ज्वार के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। गोदाम बदलने के बाद अनाज की ढुलाई को लेकर प्रशासन और परिवहनकर्ताओं के बीच विवाद पैदा हो गया है। इसका सीधा असर सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर पड़ा है।
दशहरे के अवसर पर लाभार्थियों को समय पर राशन मिलने की उम्मीद थी, लेकिन आपूर्ति में देरी से परिवारों के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ने की चिंता है।
मालेगांव खाद्य प्रशासन कार्यालय के अनुसार, शहर में बीपीएल श्रेणी के 2,17,137 लाभार्थी हैं, जबकि अंत्योदय अन्न योजना के 16,541 कार्डधारक हैं। इन परिवारों को निर्धारित पात्रता के अनुसार हर महीने गेहूं, चावल और ज्वार दिया जाता है।
राशन वितरण में देरी से बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हो रहे हैं। जरूरतमंद लाभार्थियों के लिए समय पर अनाज उपलब्ध होना महत्वपूर्ण है, लेकिन गोदाम और परिवहन व्यवस्था में पैदा हुई समस्या के कारण आपूर्ति बाधित हुई है।
गोदाम बदलने के बाद अनाज को राशन दुकानों तक पहुंचाने की व्यवस्था में परेशानी सामने आई है। नया गोदाम शहर से करीब आठ किलोमीटर दूर है। ऐसे में अनाज की ढुलाई और परिवहन व्यवस्था को लेकर प्रशासन तथा परिवहनकर्ताओं के बीच सहमति नहीं बन पाने से वितरण प्रभावित हुआ है।
खाद्य प्रशासन अधिकारी खैरनार ने बताया कि गोदाम की जगह बदलने के कारण पहली बार अनाज वितरण में देरी हुई है। इस मामले में नासिकस्थित वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत जारी है। उन्होंने अगले दो दिनों में समस्या का समाधान होने की उम्मीद जताई।
स्वस्त धान्य दुकान मालिक चालक संगठन के अध्यक्ष शेवाले के अनुसार, संगठन प्रशासन के लगातार संपर्क में है। पुराने गोदाम में बड़े वाहनों से अनाज लाकर उसे छोटे वाहनों में स्थानांतरित करने और फिर राशन दुकानों तक पहुंचाने की व्यवस्था पर सहमति बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
अब प्रशासन और परिवहनकर्ताओं के बीच विवाद सुलझने तथा राशन वितरण नियमित होने का इंतजार है। लाभार्थियों को अनाज कब तक मिलेगा, यह व्यवस्था बहाल होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।