महावितरण डबल इंजन मॉडल (pic credit; social media)  
नासिक

महावितरण का बड़ा बदलाव, नासिक में ‘डबल इंजन’ मॉडल से ग्राहकों को मिलेगी बिजली शिकायतों से राहत

Nashik News: महावितरण ने नासिक में ग्राहक सेवा को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए उप-मंडलों का पुनर्गठन किया है। अब बिजली रखरखाव और राजस्व विभाग अलग-अलग काम करेंगे, जिससे शिकायतों का निवारण तेजी से होगा।

सोनाली चावरे

Mahavitaran Double Engine Model: नासिक के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहतभरी खबर है। महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी (महावितरण) ने अब ग्राहक सेवा को और तेज और पारदर्शी बनाने के लिए अपनी कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने नाशिक मंडल में उप-मंडलों और शाखा कार्यालयों का ‘डबल इंजन सिस्टम’ लागू किया है। इस नई व्यवस्था के तहत सभी उप-मंडलों को दो विभागों में विभाजित किया गया है। रखरखाव एवं मरम्मत विभाग और राजस्व एवं भुगतान विभाग।

इस प्रणाली में अब इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों को दो अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। पहला विभाग केवल बिजली आपूर्ति से संबंधित कार्य जैसे मरम्मत, मेंटेनेंस, नई लाइन बिछाना और फॉल्ट रिपेयर पर ध्यान देगा। वहीं दूसरा विभाग ग्राहकों से जुड़ी वित्तीय सेवाओं जैसे नए कनेक्शन, बिलिंग, बकाया वसूली और बिल शिकायतों के निवारण पर फोकस करेगा।

नासिक में कहां हुआ बदलाव

सिटी डिवीजन 1 और 2 के तहत नासिक रोड, पाथर्डी, गंगापुर-1, नासिक ग्रामीण (शिंदे गांव और त्र्यंबक), सातपुर और नाशिक शहर में रखरखाव विभाग काम करेगा। जबकि देवलाली, द्वारका (तिगरानिया रोड), गंगापुर-2, सिडको और पंचवटी (दिंडोरी रोड) में भुगतान एवं राजस्व उपविभाग कामकाज संभालेगा।

महावितरण ने स्पष्ट किया है कि इस बदलाव का मकसद ग्राहकों की शिकायतों के समाधान में तेजी लाना और जवाबदेही तय करना है। कंपनी का कहना है कि अब किसी भी शिकायत पर संबंधित विभाग सीधे जवाबदेह होगा।

ग्राहकों से अपील की गई है कि किसी भी बिजली शिकायत या सेवा से जुड़ी जानकारी के लिए महावितरण मोबाइल ऐप का उपयोग करें या टोल-फ्री नंबर 1912 / 1800-212-3435 / 1800-233-3435 पर संपर्क करें।

यह नया मॉडल महावितरण के ‘स्मार्ट सर्विस मिशन’ का हिस्सा है, जिसके तहत नासिक मंडल में पारदर्शी और समयबद्ध बिजली सेवा सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

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