Maharashtra Allopathic Doctors Strike: महाराष्ट्र में एलोपैथिक डॉक्टरों ने महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) के एक प्रस्ताव के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है। यह विवाद सीसीएमपी पाठ्यक्रम पूरा करने वाले बीएचएमएस डॉक्टरों को एलोपैथी के तहत पंजीकरण देने के निर्णय को लेकर शुरू हुआ है। इसके विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) महाराष्ट्र राज्य, मार्ड (MARD), असमी और अन्य विशेषज्ञ चिकित्सा संगठनों ने एकजुट होकर राज्यव्यापी 24 घंटे के चिकित्सा सेवा बंद का आह्वान किया है।
यह राज्यव्यापी हड़ताल 4 अगस्त को सुबह 6 बजे से शुरू हो चुकी है, जो 5 अगस्त की सुबह 6 बजे तक जारी रहेगी। मेडिकल संगठनों ने सरकार को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि यह पंजीकरण प्रक्रिया तुरंत नहीं रोकी गई, तो इस 24 घंटे के सांकेतिक आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया जाएगा।
चिकित्सा संगठनों का मानना है कि बीएचएमएस और सीसीएमपी धारक डॉक्टरों को एलोपैथी की महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत करना आधुनिक चिकित्सा पद्धति की प्रामाणिकता, गुणवत्ता और वैज्ञानिक आधार के खिलाफ है। डॉक्टरों का कहना है कि दो अलग-अलग चिकित्सा पद्धतियों को इस तरह मिलाना मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMF) ने स्पष्ट किया कि इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर राज्य शासन को बार-बार ज्ञापन सौंपे गए थे, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया। अंततः सार्वजनिक स्वास्थ्य के व्यापक हित और चिकित्सा मानकों की रक्षा के लिए डॉक्टरों को यह कड़ा रुख अपनाने पर मजबूर होना पड़ा है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMF) ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन मरीजों के खिलाफ नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा और चिकित्सा क्षेत्र के मानकों के संरक्षण के लिए है। इस विज्ञप्ति पर आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संतोष कुलकर्णी, राज्य सचिव डॉ. विक्रांत देसाई और राज्य कोषाध्यक्ष डॉ. अमोल गिते के हस्ताक्षर हैं।
इस हड़ताल का असर नासिक में भी देखने को मिला। अपनी मांगों को लेकर मेडिकल संगठनों के सदस्यों ने नासिक जिलाधिकारी कार्यालय के सामने बड़ी संख्या में जुटकर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी की।