नकली पनीर,(सोर्स: सोशल मीडिया) 
नासिक

असली या नकली? पनीर को लेकर नासिक में बढ़ा भ्रम, मेन्यू से हटाए लोकप्रिय व्यंजन; प्रशासन पर उठे सवाल

Nashik Fake Paneer Rumours: नासिक-मुंबई राजमार्ग पर नकली पनीर की चर्चाओं के बीच कई होटलों से पनीर के व्यंजन गायब हो गए हैं। जहां पनीर मिल रहा है, वहां कीमतें बढ़ा दी गई हैं।

अंकिता पटेल

Nashik Restaurant Food Quality Check: नासिक-मुंबई राजमार्ग के किनारे स्थित कई होटल, ढाबे और भोजनालय इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं। इसकी वजह है मेन्यू से अचानक पनीर आधारित व्यंजनों का गायब होना। कई प्रतिष्ठानों में जहां पनीर के व्यंजन उपलब्ध नहीं हैं, वहीं कुछ स्थानों पर पनीर मिलने पर उसकी कीमतों में प्रति प्लेट 30 से 40 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी गई है। इस स्थिति ने यात्रियों, ग्राहकों और आम नागरिकों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

पिछले कुछ दिनों से ग्रामीण क्षेत्रों और तहसील के कुछ गांवों में बड़े पैमाने पर कथित तौर पर नकली पनीर तैयार कर कम कीमत पर बाजार में बेचने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इन खबरों और अफवाहों का असर स्थानीय बाजार और होटल व्यवसाय पर साफ दिखाई देने लगा है।

बताया जा रहा है कि नकली पनीर की चर्चाओं के बाद कई होटल संचालकों ने एहतियात के तौर पर पनीर के व्यंजन बनाना कम कर दिया है या उन्हें अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इसके चलते ग्राहकों को अपने पसंदीदा व्यंजन नहीं मिल पा रहे हैं।

पनीर की कमी और बढ़ी कीमतों से बढ़ा संदेह

ग्राहकों का कहना है कि पनीर बटर मसाला, कढ़ाई पनीर और पनीर भुर्जी जैसे लोकप्रिय व्यंजन अभी भी मेन्यू कार्ड पर दर्ज हैं, लेकिन ऑर्डर देने पर उन्हें “पनीर उपलब्ध नहीं है” कहकर मना कर दिया जाता है। इससे लोगों के मन में संदेह पैदा हो गया है कि आखिर अब तक जो पनीर परोसा जा रहा था, वह वास्तव में असली था या नहीं।

कुछ होटलों में पनीर की उपलब्धता बनी हुई है, लेकिन वहां इसकी कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी जा रही है। प्रति प्लेट 30 से 40 रुपये तक दाम बढ़ाए जाने से ग्राहक नाराज हैं और वे इसकी वजह जानना चाहते हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच नागरिकों का एक बड़ा सवाल यह भी है कि यदि बाजार में गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणित पनीर की नियमित आपूर्ति हो रही थी, तो अचानक इसकी कमी क्यों महसूस होने लगी। लोगों का कहना है कि यदि नकली पनीर का कारोबार वास्तव में चल रहा है तो इसकी व्यापक जांच होनी चाहिए।

पनीर की गुणवत्ता पर सवाल, जांच और सख्त कार्रवाई की मांग तेज

हैरानी की बात यह है कि अब तक खाद्य सुरक्षा से जुड़े विभागों की ओर से कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई है। न तो बड़े पैमाने पर छापेमारी की जानकारी सामने आई है और न ही सार्वजनिक रूप से सैंपल जांच की कोई विस्तृत रिपोर्ट जारी की गई है। इसी वजह से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

सामाजिक कार्यकर्ताओं और उपभोक्ता संगठनों ने मांग की है कि संबंधित विभाग तत्काल पनीर उत्पादकों, सप्लायरों और वितरण नेटवर्क की जांच करे। साथ ही बाजार में उपलब्ध पनीर के नमूनों की प्रयोगशाला जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को बिना प्रमाणित स्रोतों से खाद्य पदार्थ खरीदने से बचना चाहिए। होटल संचालकों को भी केवल अधिकृत और प्रमाणित आपूर्तिकर्ताओं से ही खाद्य सामग्री खरीदनी चाहिए ताकि लोगों के स्वास्थ्य से किसी प्रकार का खिलवाड़ न हो।

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