Harsul Ashram School Student Protest: समाज कल्याण अनुदानित आश्रमशालाओं और छात्रावासों की लंबित मांगों को लेकर हरसूल में जारी 'भीक मांगो' आंदोलन लगातार चौथे दिन भी बना रहा। आंदोलनकारी पिछले तीन दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। मंगलवार को हरसूल के महात्मा गांधी विद्यामंदिर और आदिवासी सेवा समिति द्वारा संचालित स्कूलों व कॉलेजों के सैकड़ों छात्र कक्षाएं छोड़कर सीधे आंदोलन स्थल पर पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
छात्रों के शामिल होने से इस आंदोलन की धार और तेज हो गई है। छात्रों ने अपनी दैनिक शैक्षणिक और मूलभूत समस्याओं को निडरता से सामने रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूलों व कॉलेजों में पर्याप्त और स्वच्छ शौचालयों की व्यवस्था नहीं है, जबकि छात्राओं के लिए अलग से चेंजिंग रूम की सुविधा भी नदारद है।
इसके अतिरिक्त, विज्ञान और वाणिज्य संकायों में विषय शिक्षकों के न होने से पाठ्यक्रम अधूरा पड़ा है, जिससे छात्रों का बड़ा शैक्षणिक नुकसान हो रहा है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन द्वारा बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में विफल रहने पर छात्रों ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया।
उन्होंने स्पष्ट संकल्प जताया है कि जब तक शौचालयों की व्यवस्था और खाली पड़े शिक्षक पदों पर भर्तियां नहीं होतीं, तब तक वे कक्षाओं में जाने के बजाय आंदोलन में ही सक्रिय रहेंगे। विवेक गवली और जीवन भोये ने चेतावनी दी है कि यदि संबंधित संस्थाओं के पदाधिकारियों और शिक्षा तथा समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर समाधान नहीं निकाला, तो इस आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।