Nashik Municipal Corporation Godavari River Pollution: गोदावरी नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए चल रही जनहित याचिका (176/2012) के आदेशों का उल्लंघन करना महानगरपालिका (मनपा) के अधिकारियों को महंगा पड़ सकता है। गोदावरी नदी प्रदूषण मुक्त समिति ने मनपा के अतिरिक्त आयुक्त प्रदीप चौधरी को एक ज्ञापन सौंपकर उन अधिकारियों के खिलाफ फौजदारी मामला दर्ज करने की मांग की है, जो सीधे तौर पर नदी के पात्र को दूषित करने में शामिल हैं। समिति के सदस्य निशिकांत पगारे और सुनील परदेशी ने ज्ञापन में खुलासा किया है कि
(ओंकार हाइट्स के पास) में नासिक मनपा द्वारा एक ड्रेनेज चैंबर से सीमेंट का पाइप लगाकर गंदा पानी सीधे 'वरुणा' (वाघाडी) नदी में छोड़ा जा रहा है। वरुणा, गोदावरी की एक प्रमुख उपनदी है, और इस अवैध कार्य से न केवल नदी का पारिस्थितिकी तंत्र बिगड़ रहा है, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
यह भी पढ़ें:- नासिक में विकास कार्यों ने ट्रैफिक को किया पंगु, खस्ताहाल सड़कों के बीच ई-चालान से जनता में रोष