Nashik Dams 94 Percent Water Storage: नासिक जिले के बड़े और मध्यम बांधों में इस वर्ष संतोषजनक जलसंचय हुआ है। 24 अगस्त तक जिले के बांधों की कुल 70,619 दलघफू क्षमता के मुकाबले 66,679 दलघफू यानी 94.42 प्रतिशत पानी उपलब्ध है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 58,701 दलघफू यानी 83.12 प्रतिशत जलसंचय था।
इस लिहाज से इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में जलसंचय की स्थिति काफी बेहतर है। जिले के लगभग सभी बांध भर चुके हैं, लेकिन नाग्यासाक्या बांध में अभी भी शून्य प्रतिशत जलसंचय है।
गंगापुर बांध समूहः कुल क्षमता 10,166 दलघफू है, जिसमें 9,869 दलघफू यानी 97.08 प्रतिशत पानी जमा हो चुका है।
पालखेड बांध समूहः 8,326 दलघफू क्षमता के मुकाबले 7,979 दलघफू यानी 95.83 प्रतिशत जलसंचय है।
गिरणा घाटी बांध समूहः 23,062 दलघफू क्षमता के मुकाबले 22,125 दलघफू यानी 95.94 प्रतिशत पानी उपलब्ध है।
अन्य प्रमुख बांधः काश्यपी, आलंदी, वाघाड, ओझरखेड, दारणा, भावली, वालदेवी और मोरना सहित कई बांध पूरी क्षमता (100%) से भर चुके हैं।
मध्यम जलसंचय वाले बांधः नांदूरमध्यमेश्वर में 85.60 प्रतिशत, मुकणे में 81.27 प्रतिशत और पुणेगांव में 88.44 प्रतिशत पानी दर्ज किया गया है।
बांधों में लबालब पानी भरने के बाद नदियों में पानी का विसर्ग भी जारी है। फिलहाल कुल 14,745 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें नांदूरमध्यमेश्वर से सर्वाधिक 4,732 क्यूसेक, दारणा बांध से 2.778 क्यूसेक, गिरणा से 1,238 क्यूसेक, पालखेड से 874 क्यूसेक और भावली से 609 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
नासिक जिले में बांधों का जलसंचय 94 प्रतिशत से अधिक होने से खरीफ के साथ-साथ आगामी रबी सीजन के लिए भी पानी की उपलब्धता बेहद संतोषजनक रहने की उम्मीद है। इससे नासिक जिले को इस वर्ष संभावित जलसंकट से बड़ी राहत मिली है।