ED Raid On Ashok Kharat: महाराष्ट्र के नासिक में विवादित स्वयंभू बाबा अशोक खरात और उससे जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपना शिकंजा और कस दिया है। शुक्रवार को धनशोधन (Money Laundering) जांच के तहत नासिक के शरणपुर कस्बे में खरात के एक और ठिकाने पर छापेमारी की गई। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज और कंप्यूटर उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी सघन जांच की जा रही है।
यह इस मामले में ED की दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 13 अप्रैल को बाबा खरात, उसके चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) प्रकाश पोफले और उसके रिश्तेदारों के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। उस दौरान एजेंसी ने 42 लाख रुपये नकद और लगभग 2.4 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी। जांच में खुलासा हुआ है कि खरात ने नासिक की दो सहकारी ऋण समितियों में फर्जी नामों से कई बैंक खाते खुलवाए थे, जिनका संचालन वह खुद करता था।
खरात पर आरोप है कि वह सामान्य पत्थरों और वस्तुओं को 'दैवीय शक्ति' से भरपूर बताकर करोड़ों रुपये में बेचता था। वह दावा करता था कि इन वस्तुओं में किसी भी बीमारी को ठीक करने की शक्ति है। इस ठगी से आए पैसों को उसने अपने CA के माध्यम से जमीन और रियल एस्टेट में निवेश किया।
अशोक खरात की मुश्किलें केवल पैसों तक सीमित नहीं हैं। नासिक पुलिस ने उसके खिलाफ वसूली, धार्मिक छल-कपट और नशीले पदार्थ देकर महिलाओं के यौन शोषण के आरोप में 12 से अधिक FIR दर्ज की हैं। एक विवाहित महिला ने आरोप लगाया कि खरात ने तीन साल तक उसका लगातार दुष्कर्म किया। वह महिलाओं को डराता था कि यदि उन्होंने उसकी बात नहीं मानी, तो वह अपनी 'शक्तियों' से उनके परिवार को मार देगा या उन्हें बदनाम कर देगा।
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पिछले कुछ हफ्तों में खरात की कुछ बड़े राजनेताओं के साथ तस्वीरें और आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। इसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। फिलहाल खरात नासिक जेल में बंद है, लेकिन ED की इस नई जांच से उसके साम्राज्य की नींव हिल गई है।