Nagpur ZP Schools Dilapidated Buildings: नागपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में स्थित जिला परिषद (जेडपी) स्कूलों की हालत बदतर हो गई है। कई स्कूल भवन जर्जर हो चुके हैं और उनके क्लासरूम्स खतरनाक स्थिति में हैं। बावजूद इसके मानसून के दौरान भी इन असुरक्षित इमारतों में कक्षाएं जारी हैं जिससे छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विनायक महामुनी ने मानसून से पहले सभी स्कूलों में 'सेफ्टी ऑडिट' करने और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के सख्त आदेश दिए थे। इस 27 सूत्रीय कार्य योजना में इमारतों की मरम्मत, वाटरप्रूफिंग, जल निकासी, बिजली की तारों की जांच और कुओं पर जाली लगाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल थे।
हालांकि स्कूल खुले हुए एक सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन अब तक किसी भी पंचायत समिति ने जर्जर स्कूलों या आवश्यक मरम्मत के प्रस्ताव जिला परिषद के शिक्षा विभाग को नहीं भेजे हैं।
इन जर्जर इमारतों में बच्चों को बैठाने से पालक वर्ग काफी चिंतित है। सवाल यह उठ रहा है कि यदि इस बीच कोई दुखद दुर्घटना होती है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा।
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सीईओ विनायक महामुनी ने पहले ही चेतावनी दी थी कि छात्रों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वर्तमान में उनके छुट्टी पर होने के कारण पंचायत समिति स्तर पर काम की निगरानी में कमी देखी जा रही है।