नागपुर शहर के लिए जून 2027 तक यानी अगले आठ महीने का पेयजल स्टॉक उपलब्ध होने की जानकारी पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दी।
कुछ क्षेत्रों में कुओं की मरम्मत और पुनर्जीवन के कार्य किए जाएंगे।
सीमेंट सड़क और सौंदर्यीकरण जैसे टाले जा सकने वाले कार्यों के बजाय जल प्रबंधन को प्राथमिकता देने की योजना है।
भूमि अभिलेख विभाग के 106 अधिकारियों को पदोन्नति दी गई; जमीन की माप 15 दिनों में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
Chandrashekhar Bawankule Press Conference: नागपुर जिले में अल नीनो के चलते सूखे के संकट के बीच नागपुर शहर के लिए पीने के पानी का स्टॉक आगामी 8 महीनों यानी जून 2027 तक के लिए उपलब्ध है। संभावित जलसंकट से निपटने के लिए आवश्यक उपायों का सख्त नियोजन उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की ओर से विभिन्न उपायों पर चर्चा जारी है।
यह जानकारी पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दी। संबंधित बैठक के बाद उन्होंने बताया कि उपलब्ध पानी का किफायत से इस्तेमाल करने, पानी की लीकेज और बर्बादी रोकने तथा आवश्यकता के अनुसार जलापूर्ति में नियोजनबद्ध कटौती करने पर विचार किया जा रहा है। जहां जरूरत होगी वहां टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
वहीं कुछ क्षेत्रों में कुओं की मरम्मत और पुनर्जीवन के कार्य भी किए जाएंगे, जलसंकट की स्थिति में नागरिकों और पशुधन को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन को व्यापक किया जा रहा है। नियोजनबद्ध जून 2027 तक कटौती का पेयजल की पर्याप्त विचार नियोजन करने के निर्देश दिए गाए हैं।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष के नियोजन में प्राथमिकताएं तय की जाएंगी। जिन निर्माण कार्यों को टाला जा सकता है, जैसे सीमेंट सड़कें और सौंदर्गीकरण के कार्य, उन्हें आगे बढ़ाने के बजाय उपलब्ध निधि का इस्तेमाल जल प्रबंधन और खेत सड़कों जैसे आवश्यक कार्यों के लिए करने की योजना है।
उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग के भूमि अभिलेख विभाग में 106 अधिकारियों को पदोन्नति दी गई है। राज्य में जमीन की माप की प्रक्रिया को अधिक गतिशील बनाने के लिए सरकार ने 15 दिनों में माप पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। नई पदोन्नतियों से इस कार्य को और मजबूत प्रशासनिक सहयोग मिलेगा।
ऐसा विश्वास उन्होंने व्यक्त किया। इसके अलावा आईटीआई उत्तीर्ण अभियंताओं को प्रतिमाह 35 हजार रुपये मानधन देकर आवश्यक प्रशिक्षण के बाद उनके माध्यम से काम करवाने की योजना भी बनाई जा रही है।
सामने आएगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में दूसरी वरीयता के मतों में करीब 5,000 मतों का बड़ा और लगातार बना रहने वाला रुझान दिखाई दिया। बावनकुले ने दावा किया कि इस मामले की जांच होना आवश्यक है।
इतना बड़ा रुझान लगातार कैसे बना रहा, इसकी जांच होनी चाहिए, यदि दूसरी वरीयता के वोट एक विशेष तरीके से पड़ते दिखाई दे रहे हैं तो इसके पीछे की वजहों की जांच आवश्यक है। आज नहीं तो कल, किसने क्या किया, यह निश्चित रूप से सामने आएगा।
हार की जिम्मेदारी स्वीकार करने की बात बावनकुले ने फिर स्पष्ट की। उन्होंने कहा, जहां हम हारते हैं वहां से सीखते हैं और अपनी गलतियों को सुधारकर अगला चुनाव जीतने का प्रयास करते हैं।
पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि विधान परिषद चुनाव में महायुति के कामकाज को लेकर यदि आरोप-प्रत्यारोप हो रहे हैं तो संबंधित पार्टियों को अपने बड़बोले नेताओं को समझाने की जरूरत है।
एक-दूसरे पर आरोप लगाने या अनावश्यक बयानबाजी करने का प्रयास किसी को भी नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री पद पर 12 साल का कार्यकाल पूरा करने पर महाराष्ट्र की जनता को खुशी है।
राज्य की जीडीपी में वृद्धि और सर्वागीण विकास की दृष्टि से पिछले 12 वर्षों में बड़े बदलाव हुए हैं। मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल बेहद शानदार और ऐतिहासिक है।