Nagpur Voter List Rumours: नागपुर चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस स्पेशल इंटेसिव रिवीजन यानी विशेष गहन पुनरीक्षण के संदर्भ में नागरिकों में काफी गलतफहमियों व अफवाहें फैली हुई हैं। लोग घबरा रहे हैं कि अगर 2002 की सूची में उनका नाम नहीं हुआ तो वोटर लिस्ट से नाम कट जाएगा। इस संदर्भ में जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया से घबराने की कोई जरूरत नहीं है। अगर किसी के माता-पिता, दादा-दादी के नाम भी 2002 की सूची में होंगे तो उनके नाम नहीं कटेंगे। इतना ही नहीं, बल्कि ये नाम भारत में कहीं की भी सूची में शामिल होना चाहिए, किसी भी तरह घबराने वाली बात नहीं है।
वे 'नवभारत' सदिच्छा भेंट देने पहुंचे थे और उन्होंने विविध विषयों पर खुलकर बातचीत की। उन्होंने अपने प्रशासकीय जीवन की अनेक यादगार घटनाओं का भी जिक्र किया। एसआईआर मैपिंग की प्रक्रिया शुरुआत में धीमी थी लेकिन अब जिले में 61 फीसदी काम पूर्ण हो चुका है। शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा ग्रामीण भागों में इसकी गति तेज है। उन्होंने बताया कि फिलहाल प्री-एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। उसके बाद बीएलओ घर-घर पहुंचेंगे।
कुमार ने बताया कि उपराजधानी व सीएम के गृह जिले में काम करने का अच्छा अवसर है। सीएम होने के कारण जनहित या विकास कार्यों के किसी तरह के आदेश जारी करवाने में दिक्कत नहीं होती। सीएम है, इसलिए अनेक बड़े प्रकल्प आ रहे हैं लेकिन झुड़पी व जमीन को लेकर चुनौती है। उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री को सपोर्ट जिला प्रशासन सहित उनकी पहली प्राथमिकता है।
इंडस्ट्री के लिए पोषक वातावरण तैयार करने का उनका प्रयास होगा, टूरिज्म में काफी अवसर हैं। खासकर वाइल्ड टूरिज्म विकास पर ध्यान होगा। उन्होंने बताया कि जब नाशिक में पोस्टिंग थी तब खुद गड़चिरोली को पोस्टिंग मांगी थी। वहां 3 वर्ष का कार्यकाल यादगार रहा।
बिना पॉलिटिकल हस्तक्षेप के भरपूर कार्य करने का अवसरमिला। सोलापुर कलेक्टर के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई और अब नागपुर में कार्य करने का रोडमैप यहां की जरूरतों का अध्ययन कर तैयार करेंगे।
खरीफ सीजन की तैयारी के संदर्भ में उन्होंने बताया कि नियोजन किया जा चुका है। बीज-खाद की कोई कमी नहीं है। कृषि सेवा व विक्री केन्द्रों को हिदायत दी गई है कि वे मौजूद स्टाक की जानकारी दें। क्यूआर कोड केन्द्रों पर लगाए गये है जिससे स्टाक की जानकारी मिलेगी, लिंकिंग को लेकर जनजागृति की जा रही है कि यह अनिवार्य नहीं है।
से उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के प्रयासों से लाखों करोड़ रुपये के एमओयू किए गए हैं। इन एमओयू को जमीन पर उतारने का काम प्रशासन करेगा, सबसे पहली जरूरत है उद्योगों को जमीन उपलब्ध कराना, जमीन अधिग्रहण का काम काफी तेजी से चल रहा है। कुछ स्थानों पर हाईटेंशन लाइन को लेकर परेशानियां है, जिसे दूर करने की पहल की गई है। उम्मीद है कि जल्द की इन कार्यों को पूर्ण कर उद्योगों को जमीन उपलब्ध करा दी जाएगी। महिंद्रा के सबसे बड़े ट्रैक्टर इकाई के लिए भी जमीन अधिग्रहण का काम तेजी से चल रहा है। है। कंपनी को जल्द जमीन उपलब्ध करा दी जाएगी ताकि निर्धारित समय के अंदर उत्पादन शुरू हो सके। कुछ स्थानों पर जमीन की दरों को लेकर परेशानिया आई है। उसका समाधान भी जल्द निकाल लिया जाएगा।
गैस वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिसने पहले बुकिंग की, उसे पहले सिलेंडर का सिस्टम लागू करने के सख्त निर्देश सभी एजेंसियों को दिए गए है। जिन एजेंसियों पर ग्राहकों की शिकायते अधिक है, वहां घर-घर डिलीवरी को तेज करने के लिए अतिरिक्त वाहन और डिलीवरी ब्वॉय तैनात करने का निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिया है।
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घरेलू गैस की कालाबाजारी और फों डिलीवरी रोकने के लिए डिलीवरी ऑबिंटिकेशन कोड को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया जिलाधिकारी ने सभी एजेंसियों को 90 से 95 प्रतिशत वितरण केवल ओटीपी के माध्यम से करने के निर्देश दिए है। जहां मोबाइल नेटवर्क या तकनीकी समस्याओं के कारण ओटीपी प्राप्त नहीं हो पा रहा है, वहां डिलीवरी बॉय अधिकृत एप के माध्यम से ग्राहक की पहवान सत्यापित कर गैस उपलब्ध कराएगा। साथ ही नागरिकों की सुविधा के लिए जिले के सभी सेतु सुविधा केंद्रों पर मुफ्त ई-केवाईसी की व्यवस्था की गई है।
घरेलू पालपीजी गैस की आपूर्ति अब पूरी तरह सूचारा हो चुकी है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसलिए नागरिकों को घदराने या अनावश्यक रूप से गैस का भंडारण करने की आवश्यकता नहीं है, साथ ही किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें, जिला प्रशासन द्वारा जारी नियमी और आदेशों का उल्लघन करने वाली गैस एजेंसियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- नागपुर, जिलाधिकारी, कुमार आशीर्वाद