भाजपा (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
नागपुर

भाजपा में महाबगावत! निकाय चुनाव से पहले दिग्गज नेताओं ने दिया सामूहिक इस्तीफा, राजनीति में भूचाल

Political Crisis BJP: उमरेड नगर परिषद चुनाव के नामांकन पर्ची दाखिल करने के अंतिम दिन भारतीय जनता पार्टी में बड़े पैमाने पर राजनीतिक बगावत देखने को मिली है। इससे उमरेड शहर की राजनीति में खलबली मच गई।

प्रिया जैस

BJP Ticket Controversy: उमरेड नगर परिषद के चुनाव के तहत टिकट वितरण में अनियमितताओं और वर्षों से कार्यरत निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा से नाराज़ होकर मंगलवार को उमरेड शहर भाजपा के कई प्रमुख पदाधिकारियों ने भाजपा से सामूहिक इस्तीफा देकर पार्टी के खिलाफ खुली बगावत छेड़ दी है।

भाजपा असंतुष्ट पदाधिकारियों ने शिवसेना शिंदे गुट में शामिल होकर आगामी चुनाव शिवसेना (शिंदे गुट) से लड़ने की घोषणा उमरेड शहर स्थित भाजपा के बागी नेताओं ने पत्र परिषद में की है। उमरेड शहर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष दिलीप सोनटक्के, पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष उमेश हटवार, उमरेड शहर भाजपा महिला आघाड़ी अध्यक्ष एवं पूर्व नगरसेविका रेणुका कामडी, नगर उपाध्यक्ष एवं पूर्व नगरसेविका अरुणा हजारे, महासचिव सुजीत कुरुटकर, कार्यकारिणी सदस्य प्रशांत ढोके, भाजपा महिला मोर्चा जिला मंत्री किरण मेश्राम, तथा शक्ति केंद्र प्रमुख प्रकाश कटारे उपस्थित थे।

सभी ने एकमत होकर आरोप लगाया कि भाजपा में टिकट वितरण पूरी तरह अन्यायपूर्ण रहा है और समर्पित निष्ठावंत कार्यकर्ताओं पर पक्षपात कर बाहरी राजनीतिक दलों के आयाराम गयाराम व्यक्तियों को टिकट वितरण में प्राथमिकता दी गई है।

टिकट कटने से बढ़ी नाराजी

बगावत का एक बड़ा कारण यह भी बताया जा रहा है कि भाजपा पूर्व पार्षद धनंजय अग्निहोत्री की पत्नी धनश्री अग्निहोत्री को भी टिकट नहीं दिया गया। टिकट कटने से नाराज़ होकर उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरने का निर्णय लिया है। उनके इस कदम को भाजपा के असंतुष्ट गुट का पूरा समर्थन मिल रहा है, जिससे मुकाबला और अधिक दिलचस्प होने के संकेत मिल रहे हैं।

असंतुष्ट भाजपा पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि स्थानीय भाजपा नेतृत्व संवादहीन हो गया है और भाजपा कार्यकर्ताओं को निर्णय प्रक्रिया से दूर रखा गया है। उनका कहना था, वर्षों से भाजपा संगठन को मजबूत करने के लिए हमने मेहनत की, लेकिन आज हमें उपेक्षित किया जा रहा है। इसलिए अब हम जनता के सामने शिवसेना (शिंदे गुट) के माध्यम से जाएंगे और शिवसेना शिंदे गुट से चुनाव लड़ेंगे।

त्रिकोणीय हो सकता है मुकाबला

उमरेड शहर के भाजपा नेताओं के सामूहिक विद्रोह ने उमरेड नगर परिषद चुनाव के राजनीति मे नया मोड़ पैदा कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा में उत्पन्न असंतोष से मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है, जिसका सीधा असर भाजपा के अधिकारिक उम्मीदवारों पर पड़ेगा। दूसरी ओर इस राजनैतिक घटनाक्रम से शिवसेना (शिंदे गुट) को स्थानीय स्तर पर मजबूती मिलने की संभावना बढ़ गई है।

भाजपा की बगावत से उमरेड शहर के चुनाव में कांग्रेस पार्टी की विजय निश्चित दिखाई दे रही है। कुल मिलाकर उमरेड में भाजपा के इस राजनैतिक नाटकीय घटनाक्रम ने उमरेड नगर परिषद के चुनावी समीकरण पूरी तरह उलट-पुलट कर दिए हैं और आगामी दिनों में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने की उम्मीद है।

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