सुप्रिया सुले, शरद पवार, कांग्रेस, विलय, इंडिया गठबंधन,(सोर्स: सोशल मीडिया) 
नागपुर

राकांपा के कांग्रेस विलय के दावों पर सुप्रिया सुले का पूर्णविराम; बोलीं- शरद पवार ने नहीं दिया कोई प्रस्ताव

Nagpur Supriya Sule Statement: सुप्रिया सुले ने राकां (शरद पवार) के कांग्रेस में विलय की अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि न कोई प्रस्ताव आया और न ही शरद पवार ने ऐसा कोई प्रस्ताव दिया।

अंकिता पटेल

Maharashtra Politics: कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने यह दावा किया है कि शरद पवार ने अपनी पार्टी के विलय का प्रस्ताव कांग्रेस को दिया था। वहीं बंगाल में ममता बनर्जी की हार के बाद भी राजनीतिक महकमे में तृणमूल कांग्रेस का भी कांग्रेस में विलय के प्रस्ताव की चर्चा जोरों पर शुरू है। ऐसे में राकां सांसद सुप्रिया सुले ने यह कहकर राकां शरद पवार पार्टी के कांग्रेस में विलय की सारी अटकलों को खारिज कर दिया कि न ही शरद पवार ने कोई प्रस्ताव दिया और न ही कभी कांग्रेस की ओर से ऐसा कुछ प्रस्ताव आया है।

यह मीडिया से ही मुझे पता चल रहा है। मुझे और शरद पवार को इसकी कोई जानकारी नहीं है। वे नागपुर में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रही थीं। शिवसेना सांसद संजय राऊत ने कहा है कि कांग्रेस से अलग होकर बनीं सभी पार्टियों को कांग्रेस में वापस लौट जाना चाहिए। इससे ताकत बढ़ेगी और भाजपा को चुनौती दी जा सकेगी।

सुप्रिया सुले ने गठबंधन विलय की अटकलों को किया खारिज

इस पर सुप्रिया सुले ने कहा कि राऊत मेरे बड़े भाई के समान हैं और उन्हें मार्गदर्शन या सुझाव देने का अधिकार है। इंडिया गठबंधन की बैठक में सोनिया गांधी व ममता बनर्जी के बीच पार्टी विलय पर चर्चा के संदर्भ में सुले ने कहा कि उन दोनों की मुझसे कोई बात नहीं हुई। इसलिए कोई जानकारी नहीं। कौन किसके संपर्क में है, नहीं मालूम। शरद पवार के पास कोई प्रस्ताव नहीं आया और न ही उन्होंने किसी को कोई प्रस्ताव दिया है। आपसी कलह और आरोप-प्रत्यारोप करके परिवारों और राजनीतिक दलों में फूट डालने का काम हमने कभी नहीं किया और न ही कभी करेंगे। उन्होंने कहा कि आज देश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए राजनीति करने नहीं बल्कि देश को बचाने का समय है। महंगाई, बेरोजगारी व प्रचंड भ्रष्टाचार शुरू है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को सर्वदलीय बैठक लेकर आर्थिक हालातों पर विस्तार से चर्चा करनी चाहिए।

हमारे सांसद, विधायक से किसी ने नहीं किया संपर्क

तृणमूल कांग्रेस, उद्धव ठाकरे शिवसेना के सांसदों द्वारा पार्टी छोड़ जाने या फिर उन्हें तोड़े जाने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि हमारे विधायक, सांसदों व पदाधिकारियों से किसी ने कोई संपर्क नहीं किया। उन्होंने मंत्रियों व नेताओं से मुलाकात के संदर्भ में कहा कि देश के सभी मंत्रियों से मैं हर सप्ताह मिलती हूं।

इसका मतलब असंतोष नहीं है। विनोद तावडे से मैंने कल अपने कार्य के लिए मुलाकात की। सभी दलों के लोगों को एक-दूसरे से कार्य के लिए मिलना ही पड़ता है, रोहित पवार के अनशन पर कहा कि उन्हें इसके लिए मना किया था क्योंकि असंवेदनशील सरकार है और उससे लड़ने की ताकत रखनी चाहिए। वह किसानों के लिए लड़ रहे हैं, इसका मुझे अभिमान है।

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