Nagpur Elections: नागपुर जिले की 15 नगर परिषद और 12 नगर पंचायतों के लिए आने वाले मंगलवार 2 दिसंबर को मतदान होने जा रहा है। इस बार चुनाव आयोग द्वारा कम समय मिलने के कारण प्रचार के लिए एक दिन की वृद्धि दी गई है, जिससे मतदान के एक दिन पहले तक प्रचार किया जा सकेगा। लेकिन सभी पार्टी नेताओं व उम्मीदवारों का सबसे अधिक ध्यान संडे की छुट्टी पर है, जो वास्तव में सभी उम्मीदवारों के लिए ‘सुपर संडे’ रहने वाला है।
पूरे जिले में प्रचार का जबरदस्त माहौल रहेगा। हर जगह सुबह से ही सभाओं, रैलियों और कॉर्नर मीटिंग्स की गहमागहमी होगी। वैसे तो 25 नवंबर से सभी पार्टी के आलानेता अपने उम्मीदवारों के लिए सभाएं कर रहे हैं लेकिन वोटिंग के पूर्व का संडे सभी के लिए अहम होने वाला है। सभी प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंकने वाले हैं।
जिले के कुल 27 नगर परिषद व नगर पंचायत के लिए 27 नगराध्यक्ष वे 546 नगरसेवकों को चुना जाना है। प्रत्येक प्रभाग में राजनीतिक दल अपने नगराध्यक्ष और नगरसेवक पद के उम्मीदवारों के लिए जोरदार प्रचार कर रहे हैं। निर्दलीय उम्मीदवार भी पूरा दमखम दिखाने की कोशिश में हैं। यह संडे उनके लिए भी ‘बड़ा दिन’ साबित होगा। सभी उम्मीदवार पूरी ताकत झोंककर अपनी क्षमता के अनुसार मतदाताओं से वोट की मांग करेंगे। विभिन्न तरीकों से प्रचार रैलियां भी निकाली जाएंगी। कुछ जगहों पर बाइक रैली का भी आयोजन किया गया है। 1 दिसंबर को रात 10 बजे प्रचार थम जाएगा। इसलिए दो दिनों में जितना अधिक प्रचार किया जा सके, सभी उम्मीदवार उसी में जुटे हुए हैं।
10 नवंबर से नगरपालिका और नगर पंचायत चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत हुई थी। 26 नवंबर को चिन्ह वितरण के बाद प्रचार ने जोर पकड़ा। इस दौरान राजनीतिक दलों ने 21 नवंबर से ही अपने प्रचार का जोर बढ़ाना शुरू कर दिया था। जिले में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री अजित पवार और दूसरे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी जनसभाओं के माध्यम से अपनी ताकत झोंकी है।
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संडे को प्रचार और अधिक तेज होगा तथा आरोप-प्रत्यारोपों की बौछार देखने को मिलेगी। अफवाहों का बाजार भी गर्म है और सभी राजनीतिक दल तथा निर्दलीय उम्मीदवार पूरी ताकत से मैदान में जुटे हैं। हर दल अपनी शक्ति आजमाने के लिए अकेले दम पर चुनावी अखाड़े में उतरा है। संडे को कई क्षेत्रों में बाजार तथा छुट्टी का दिन होने के कारण उम्मीदवार मतदाताओं तक पहुंचने के लिए दौड़भाग कर रहे हैं।
अधिकांश उम्मीदवारों द्वारा सोशल मीडिया का व्यापक रूप से उपयोग किया जा रहा है। चुनावी अखाड़े में मौजूद उम्मीदवार और उनके कार्यकर्ता विभिन्न ग्रुप बनाकर उन माध्यमों से मतदाताओं के साथ संवाद कर रहे हैं। अब तक क्या काम किया है और चुनकर आने पर क्या करेंगे, इसका विस्तृत विवरण इन ग्रुपों और सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से दिया जा रहा है।