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450 ड्रोन की डिलीवरी सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड ने भारतीय सेना को नागास्त्र-1R ड्रोन सौंपे।
स्वदेशी रक्षा निर्माण यह डिलीवरी ‘मेक इन इंडिया’ और घरेलू रक्षा उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में पेश की गई है।
पोर्टेबल सिस्टम नागास्त्र-1R को सैनिक अपने साथ ले जा सकते हैं।
Indian Army Suicidal Drone: भारतीय रक्षा उद्योग और 'मेक इन इंडिया' पहल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (एसडीएएल) ने भारतीय सेना को आत्मघाती ड्रोन लॉइटरिंग म्यूनिशन की अब तक की सबसे बड़ी खेप सौंपी।
कंपनी ने रिकॉर्ड 450 'नागास्त्र-1R' ड्रोन एक साथ डिलीवर किए। किसी भी भारतीय निर्माता द्वारा सेना को दी गई यह सबसे बड़ी एकल डिलीवरी है।
इस अवसर पर सोलर ग्रुप के चेयरमैन पद्मश्री सत्यनारायण नुवाल, कार्यकारी निदेशक रियर एडमिरल बृजेश वशिष्ठ (सेवानिवृत्त) और आरएंडडी निदेशक मंजीत सिंह मौजूद थे।
ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के माहौल में यह स्वदेशी प्रणाली भारतीय सेना के लिए लागत प्रभावी साबित होगी।
स्थानीय निर्माण के बावजूद इसकी सटीकता और गुणवत्ता से समझौता नहीं किया गया है। यह विदेशी प्रणालियों पर भारत की निर्भरता घटाने में भी निर्णायक भूमिका निभाएगी।
मैन-पोर्टचल सिस्टम सैनिक इसे आसानी से अपने साथ ले जा सकते हैं।
रेंज और निगरानी यह 5 किलोमीटर तक हमला करने में सक्षम है। दिन-रात निगरानी के लिए इसमें उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे लगे हैं।
विस्फोटक क्षमता इसमें 1 किलोग्राम का विस्फोटक वॉरहेड है, जो दुश्मन के ठिकानों को सटीकता से तबाह कर सकता है।
सटीक निशाना ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम(GPS)-गाइडेड नेविगेशन से लैस इस ड्रोन का सर्कुलर एटर प्रोबेबल मात्र 2 मीटर है, जिससे यह लक्ष्य के बेहद करीब हमला करता है।
कामीकाजे अटैक मोड यह दुश्मन के ठिकाने या वाहन से सीधे टकराकर उसे नष्ट कर सकता है।
एबॉर्ट और रिकवरीः मिशन रद्द होने या लक्ष्य बदलने पर इसे हवा में ही रोककर सुरक्षित वापस बुलाया जा सकता है और दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है।