SIR को लेकर कांग्रेस और भाजपा बीच नोकझोंक सोर्स- सोशल मीडिया
नागपुर

नागपुर में SIR प्रक्रिया पर घमासान, कांग्रेस का आरोप- विधायक निवास में कौन थे बीजेपी कार्यकर्ता?

Nagpur SIR: नागपुर में मतदाता सूची बैठक के दौरान कांग्रेस और बीजेपी के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कांग्रेस ने विधायक निवास में BJP कार्यकर्ताओं की मौजूदगी पर प्रशासन को घेरा, वहीं BJP ने आरोप खारिज किए।

प्रमोद यादव

Nagpur SIR Electoral Roll Congress vs BJP: नागपुर जिले में SIR प्रक्रिया के तहत जारी मतदाता प्रारूप सूची के बाद सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय में हई राजनीतिक दलों की बैठक में कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कांग्रेस ने एसआईआर प्रक्रिया पर ही सवाल उठाते हुए विधायक निवास में भाजपा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी को लेकर प्रशासन को घेरा।

वहीं भाजपा ने आरोपों को खारिज करते हुए अपना बचाव किया। प्रशासन द्वारा वहां मौजूदगी को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने पर अधिकारियों से सवालों की बौछार की गई। कुछ समय तक बैठक में दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी के पास नागपुर संभाग की मतदाता निरीक्षक की जिम्मेदारी है। वहीं जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद जिला निर्वाचन अधिकारी हैं।

उनकी मौजूदगी में राजनीतिक दलों की बैठक हुई। बैठक में कांग्रेस की ओर से शहर अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडधे, पूर्व मंत्री डॉ. नितिन राऊत और बंडोपंत टेंभुर्णे, भाजपा की ओर से विधायक कृष्णा खोपड़े, शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी और सुधीर देऊलगांवकर, शिवसेना ठाकरे गुट की ओर से नितिन सोलंकी, शिंदे गुट की ओर से संदीप इटकेलवार के अलावा मुस्लिम लीग, एमआईएम तथा अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

नाम हटाने का आरोप, कांग्रेस कमेटी

नागपुर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडधे ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए अन्य राज्यों के अनुभवों का हवाला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 में मतदाता पंजीयन किया गया था लेकिन अब एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया चलाई जा रही है। उन्होंने विधायक निवास में बड़ी संख्या में दूसरे

राज्यों से आए भाजपा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी का मुद्दा भी उठाया। गुडधे ने सवाल किया कि बीएलओ की बजाय भाजपा कार्यकर्ता मतदाताओं के आवेदन के बंडल लेकर हैदराबाद हाउस कैसे पहुंचे। उन्होंने विधायक निवास और हैदराबाद हाउस के सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने की मांग की। भाजपा की ओर से विधायक कृष्णा खोपड़े और शहर

अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी ने इन आरोपों को खारिज किया। वहीं प्रशासन की ओर से यह सफाई दिए जाने की बात सामने आई कि आचार संहिता के दौरान कौन कितने दिनों तक वहां रह सकता है, इसे लेकर कोई नियमावली नहीं थी। राजनीतिक दलों के बीएलए की जिम्मेदारी केवल मतदाताओं के घर तक पहुंचने और उन्हें दिखाने तक थी।

20 वर्ष तक के मतदाताओं के ही पंजीयन की सुविधा

नागपुर जिले में SIR प्रक्रिया के तहत जिलाधिकारी कार्यालय में राजनीतिक दलों कांग्रेस और भाजपा के बैठक में नए मतदाताओं के पंजीयन पर भी आपत्ति जताई गई। 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाला युवा वयस्क मतदाता के रूप में पंजीयन के लिए पात्र है।

हालांकि गुडधे ने ध्यान दिलाया कि चुनाव आयोग की प्रणाली में फिलहाल केवल 20 वर्ष तक के मतदाताओं के पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है। इस पर जिलाधिकारी ने इसे आयोग की प्रणाली में आई तकनीकी समस्या बताते हुए कहा कि इसमें सुधार किया जा रहा है।

BJP मतदाताओं तक पहुंची

नागपुर जिले में SIR प्रक्रिया को लेकर भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मतदाता अपने संविधान प्रदत्त और जन्मसिद्ध अधिकार से वंचित न रहें, इसलिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मतदाताओं तक पहुंचे और उनसे आवेदन भरने का अनुरोध किया।

अब कांग्रेस आरोप लगा रही है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस से यह काम नहीं हो पाया और उसने मतदाताओं की मदद नहीं की, इसलिए वह बेबुनियाद आरोप लगाकर हमेशा की तरह प्रशासनिक प्रक्रिया की आलोचना कर रही है।

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