Nagpur Sewer Jetting Machine Cleaning: नागपुर महानगर पालिका ने नागरिकों की शिकायतों और मानसून पूर्व तैयारियों के मद्देनजर सीवर लाइन ब्लॉकेज की समस्या से निपटने के लिए 1 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च कर जेटिंग मशीन से सीवेज लाइन की सफाई करने का मानस बनाया है।
इसके मद्देनजर स्थायी समिति की बैठक में शहर के विभिन्न जोनों में अतिरिक्त जेटिंग-सक्शन मशीनरी लगाने के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे हरी झंडी प्रदान की गई। इस पर कुल 1,00,70,075 रुपये खर्च होने का अनुमान है।
सभापति के अनुसार सफाई की गाड़ियां अमूमन दोपहर 2 बजे के बाद बंद हो जाती थीं जिससे काम प्रभावित होता था। अब प्रशासन ने फैसला किया है कि दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक एक अतिरिक्त शिफ्ट चलाई जाएगी। इस कार्य में स्थानीय जमादारों और नाला सफाई कर्मियों को भी शामिल किया जाएगा क्योंकि उन्हें स्थानीय जल निकासी की समस्याओं और भौगोलिक स्थिति की बेहतर समझ होती है।
अधिकारियों का मानना है कि केवल गाड़ी भेजने से समस्या हल नहीं होती बल्कि सही जगह पर काम करने के लिए स्थानीय कर्मियों का होना आवश्यक है। घनकचरा व्यवस्थापन विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, महापौर की समीक्षा बैठक में सभी जोनों के नगरसेवकों और नगरसेविकाओं ने यह मुद्दा उठाया था कि सीवर लाइन जाम होने की शिकायतों के निपटारे में काफी देरी हो रही है। इस देरी का मुख्य कारण जोन स्तर पर जेटिंग सक्शन मशीनों की अपर्याप्त संख्या और काम के सीमित घंटे (शिफ्ट) होना पाया गया था।
लक्ष्मीनगर जोन सबसे अधिक 30 बड़े वाहनों की मांग।
धरमपेठ, हनुमाननगर, धंतोली और मंगलवारी जोन: प्रत्येक में 20 बड़े और 10 छोटे वाहनों की मांग।
नेहरूनगर, गांधीबाग, सतरंजीपुरा, लकड़गंज और आसीनगर जोन प्रत्येक में 15 बड़े और 15 छोटे वाहनों की मांग।
1. जरूरत के अनुसार उपयोग प्रस्तावित 300 शिफ्टों का प्रतिदिन उपयोग करना अनिवार्य नहीं है। इसका इस्तेमाल केवल बारिश की स्थिति और प्राप्त होने वाली शिकायतों की संख्या के आधार पर किया जाएगा।
2. आधी शिफ्ट का प्रस्ताव काम में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त 8 घंटे की पूरी शिफ्ट के बजाय प्रतिदिन अतिरिक्त 4 घंटे का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है।
3. जोनल कोटा प्रत्येक जोन को आगामी 3 महीनों के लिए अधिकतम 30 अतिरिक्त शिफ्ट इस्तेमाल करने की अनुमति (कोटा) दी गई है।।।
4. अंतिम अधिकार अतिरिक्त शिफ्ट के उपयोग और उसके निरीक्षण का अंतिम अधिकार संबंधित जोन के सहायक आयुक्त के पास सुरक्षित रहेगा।
समस्या के त्वरित समाधान के लिए मलजल व्यवस्थापन कक्ष के अंतर्गत बड़े (18.5 टन) और छोटे (7 से 8 टन) रिसायकल वाहनों (सक्शन मशीनों) की अतिरिक्त शिफ्ट की मांग की गई है।
बड़े वाहन (18.5 टन): 41,017 रुपये प्रति शिफ्ट की दर से 185 अतिरिक्त शिफ्ट प्रस्तावित हैं, जिन पर कुल 75,88, 145 रुपये का खर्च आएगा।
छोटे वाहन (7-8 टन): 21,582 रुपये प्रति शिफ्ट की दर से 115 अतिरिक्त शिफ्ट प्रस्तावित हैं, जिन पर 24,81,930 रुपये का खर्च आएगा।
कुल मिलाकर 300 शिफ्टों के लिए 1,00,70,075 रुपये का खर्च अपेक्षित है। इसे मनपा के बजट से वहन किया जाएगा। यह संपूर्ण कार्य स्वीकृत एजेंसी 'आर्यन पंप्स एंड एन्विरो सॉल्यूशन' के माध्यम से कराया जाएगा।
जल निकासी व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए अत्याधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। 10,000 लीटर वाली बड़ी मशीनों में जेटिंग (पानी के तेज दबाव से सफाई) और सक्शन की संयुक्त सुविधा उपलब्ध है।
इन मशीनों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सक्शन के बाद ये मशीनें मौके पर ही गंदे पानी को रिसाइकिल कर लेती हैं और उसी पानी का उपयोग वापस जेटिंग के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा प्रशासन ने 3,000 लीटर क्षमता वाली कंबाइंड जेटिंग चोकिंग मशीनों को भी तकनीकी स्वीकृति (टीएस) के लिए भेजा है।