Death Toll Rises to 19 Nagpur Factory Blast (फोटो क्रेडिट-X) 
नागपुर

नागपुर फैक्ट्री ब्लास्ट अपडेट: मौत का आंकड़ा बढ़कर 19 हुआ, 9 निदेशक गिरफ्तार, DNA टेस्ट से शवों की पहचान

Death Toll Rises to 19 Nagpur Factory: नागपुर विस्फोटक कारखाने में मरने वालों की संख्या 19 हुई। पुलिस ने 9 निदेशकों को गिरफ्तार किया और शवों की पहचान के लिए DNA टेस्ट शुरू किया।

अनिल सिंह

Nagpur SBL Energy Blast: महाराष्ट्र के नागपुर में राउलगांव स्थित 'एसबीएल एनर्जी लिमिटेड' (SBL Energy Ltd) विस्फोटक कारखाने में रविवार, 1 मार्च को हुए भीषण धमाके ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है। मलबे से शवों के मिलने और अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ने वाले श्रमिकों के साथ अब मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 19 हो गई है। धमाका इतना शक्तिशाली था कि डेटोनेटर पैकिंग इकाई पूरी तरह जमींदोज हो गई और वहां मौजूद श्रमिकों के शवों की पहचान करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

नागपुर के संरक्षक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस मानवीय त्रासदी पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया, जिसके बाद कंपनी प्रबंधन पर कानूनी शिकंजा कसना शुरू हो गया है।

21 लोगों पर FIR और 9 निदेशकों की गिरफ्तारी

हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 'एसबीएल एनर्जी लिमिटेड' के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कलमेश्वर पुलिस ने कंपनी के 21 निदेशकों और शेयरधारकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है। अब तक इस मामले में 9 निदेशकों को गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रशासन यह जांच कर रहा है कि क्या कारखाने में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी या विस्फोटक सामग्री का भंडारण क्षमता से अधिक था।

DNA परीक्षण से होगी शवों की पहचान

विस्फोट के कारण घटनास्थल पर दृश्य अत्यंत हृदयविदारक थे। पुलिस के अनुसार, धमाके और उसके बाद लगी आग में शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी सामान्य पहचान करना असंभव हो गया है। मृतकों की सटीक शिनाख्त सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन अब DNA परीक्षण का सहारा ले रहा है। इसके लिए पीड़ित परिवारों के सदस्यों के नमूने लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही शवों को परिजनों को सौंपा जाएगा ताकि भविष्य में कोई कानूनी विवाद न रहे।

डेटोनेटर पैकिंग इकाई में धमाके का कारण

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह विस्फोट खनन और औद्योगिक उपयोग के लिए बनाए जाने वाले डेटोनेटर की पैकिंग इकाई में हुआ। अभी तक धमाके के सटीक तकनीकी कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन विस्फोटक विशेषज्ञों की टीम मौके पर साक्ष्य जुटा रही है। अस्पताल में भर्ती 23 अन्य कर्मियों की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है, जिनका इलाज नागपुर के विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की गहन जांच के आदेश देते हुए दोषियों को सख्त सजा दिलाने का आश्वासन दिया है।

सुभाष चंद्रा की बढ़ीं मुश्किलें, 1322 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में CBI ने दर्ज की FIR

भाग सकते हो, छिप नहीं सकते..., कश्मीर में सुरक्षाबलों ने लश्कर के पाकिस्तानी कमांडर यासिर को किया ढेर

सहारनपुर मस्जिद पर UP में गरमाई सियासत, मायावती ने की बुलडोजर कार्रवाई रोकने की मांग

Teacher’s Day पर PM मोदी की शिक्षकों संग खास बातचीत, पब्लिक स्पीकिंग से लेकर बच्चों के टैलेंट तक पर हुई चर्चा

Operation Chakra 6: डिजिटल अरेस्ट का खौफनाक खेल! 3 महीने बंधक बनाकर ऐंठे 42.36 करोड़, CBI ने दबोचे 3 एजेंट