Sanjay Raut On Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र की सियासत में आगामी दिनों में होने वाले संभावित प्रशासनिक और राजनीतिक बदलावों को लेकर चर्चाएं बेहद तेज हो गई हैं। शिवसेना (यूबीटी) के फायरब्रांड नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने राज्य के शीर्ष नेतृत्व को लेकर एक बेहद सनसनीखेज और बड़ा दावा किया है।
शुक्रवार (17 जुलाई) को नागपुर दौरे के दौरान पत्रकारों से औपचारिक बातचीत करते हुए राउत ने कहा कि आने वाले महीनों में यदि केंद्र और राज्य के मंत्रिमंडलों में कोई बड़ा फेरबदल होता है, तो महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य में एक अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिल सकता है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को केंद्र सरकार में बड़ी जिम्मेदारी देकर दिल्ली बुलाया जा सकता है, और उनकी जगह राज्य में भाजपा का ही कोई वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री पद की कमान संभाल सकता है।
संजय राउत से जब आगामी एक-दो महीनों के भीतर केंद्र और राज्य सरकारों में होने वाले संभावित फेरबदल और उसके असर के बारे में सीधा सवाल पूछा गया, तो उन्होंने मौजूदा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया। राउत ने स्पष्ट रूप से कहा, "अगर आगामी दिनों में दिल्ली के स्तर पर कैबिनेट में कोई बदलाव होता है, तो देवेंद्र फडणवीस देश की सेवा के लिए केंद्र सरकार का हिस्सा बन सकते हैं। उस स्थिति में महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बड़ा बदलाव होगा और भारतीय जनता पार्टी (BJP) का ही कोई अन्य वरिष्ठ मंत्री महाराष्ट्र का नया मुख्यमंत्री बन सकता है।"
राउत ने यह महत्वपूर्ण बयान अपनी पार्टी द्वारा नागपुर में आयोजित किए जा रहे 'राम रक्षा आंदोलन' की तैयारियों की समीक्षा के दौरान दिया। उन्होंने दोहराया कि इस संभावित बदलाव के बाद राज्य में सत्ता के समीकरण पूरी तरह से भाजपा के इर्द-गिर्द केंद्रित हो जाएंगे, जिससे वर्तमान सहयोगियों की स्थिति पर भी गहरा असर पड़ सकता है।
अयोध्या के प्रसिद्ध राम मंदिर में सामने आए कथित चढ़ावा चोरी और आभूषणों के गबन के विरोध में शिवसेना (यूबीटी) ने 18 जुलाई को नागपुर में एक विशाल 'राम रक्षा' प्रदर्शन का आयोजन किया है। इस आंदोलन के बारे में जानकारी साझा करते हुए संजय राउत ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) सहित देश के तमाम 'हिंदुत्ववादी' संगठनों को इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से निमंत्रण भेजा गया है।
राउत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक को संबोधित करते हुए कहा, "हमने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जी से विनम्र अनुरोध किया है कि यदि वे किसी अनिवार्य व्यस्तता के कारण स्वयं इस आंदोलन में उपस्थित नहीं हो सकते हैं, तो वे संगठन की तरफ से अपना कोई वरिष्ठ प्रतिनिधि जरूर भेजें।" उन्होंने आगे बताया कि स्थानीय स्तर पर भाजपा सहित सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं और विदर्भ क्षेत्र के विधायकों को भी आमंत्रण पत्र भेजे गए हैं। इस प्रदर्शन में नागपुर सहित विदर्भ के सभी 11 जिलों से भारी संख्या में शिवसैनिक और राम भक्त हिस्सा लेने पहुंच रहे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय राउत ने राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख मुद्दों पर भी अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संसद के आगामी सत्र से पहले लोकसभा परिसीमन पर एक सर्वदलीय बैठक (All-Party Meeting) बुलाने की मांग का राउत ने पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा, "हम खरगे जी की इस मांग से पूरी तरह सहमत हैं।"
इसके साथ ही, दिल्ली के जंतर-मंतर पर कथित परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के आंदोलन और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का जिक्र करते हुए राउत ने केंद्र सरकार की संवेदनशीलता पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि वहां 20 साल की एक युवा लड़की भी अनशन पर बैठी है। राउत ने तीखा सवाल उठाया, "क्या वांगचुक और अन्य प्रदर्शनकारियों की बिगड़ती सेहत की पल-पल की रिपोर्ट प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तक नहीं पहुंच रही है?