Nagpur News: नागपुर के नंदनवन निवासी अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही सागर चंद्रकिशोर कुंभारे एक बार फिर कठिन डगर पर निकल पड़े हैं। वे इस बार भारत-चीन सीमा पर करीब 23,000 किमी की चढ़ाई चढ़ेंगे। 5 अगस्त से शुरू हुई यात्रा 20 दिनों में पूरी होगी। पूरे अभियान में 12 सिविलियंस और इतने ही सैन्य कर्मचारी हिस्सा ले रहे हैं। भारतीय सेना द्वारा नागरिक-सैन्य अभियान चलाया जाता है।
अभियान भारतीय सेना और आईएमएफ (भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन) द्वारा आयोजित किया जा रहा है। 2025 के लिए नागपुर के पूर्व एनसीसी कैडेट व अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही सागर कुंभारे का चयन हुआ है। पूरे देश से सिर्फ 12 पर्वतारोहियों का चयन किया गया है। 3 कड़े इंटरव्यू पास करने के बाद इस अभियान के लिए चयनित हुए सागर ने अपनी यात्रा शुरू कर दी है।
यह अभियान 5 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश के गुवाहाटी स्थित सैन्य बेस कैंप से शुरू किया गया जो भारत-चीन सीमा पर चलाया जा रहा है। हालांकि, सेना के इस अभियान में स्थान का जिक्र नहीं किया गया है। इस अभियान में भाग लेने के लिए खिलाड़ियों की शारीरिक और चिकित्सीय योग्यता आवश्यक है। कठोर वातावरण में शिखर पर चढ़ना अत्यंत कठिन होता है। इसमें तापमान -15 डिग्री तक चला जाता है जिसके लिए सेना की प्रमुख भूमिका होती है।
नागरिक पर्वतारोहियों में नागपुर के सागर का चयन नागपुरवासियों के साथ-साथ महाराष्ट्र के लिए भी गौरव की बात है। 4 अगस्त को नागपुर से रवाना हुए सागर को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, विधायक मोहन मते, प्रवीण दटके, कृष्णा खोपड़े, बीटीपी ग्रुप, शिराज शेख, कारा फाउंडेशन, हिंदू एकता प्रतिष्ठान, महाराष्ट्र नेवल एनसीसी, वाईसीसीई ग्रुप और केडीके ग्रुप सहित अन्य ने शुभकामनाएं दीं।
सागर नागपुर के नंदनवन के रहने वाले हैं और पेशे से इंजीनियर हैं। सागर को बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी स्थान प्राप्त है। 2 पर्वतों, अफ्रीका के माउंट किलिमंजारो और भारत के माउंट युनम पर 25 फीट लंबा भगवा और भारतीय ध्वज फहराने वाले वे पहले भारतीय एनसीसी कैडेट हैं।
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