Nagpur University NEP 2020: राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय की बुधवार को हुई सीनेट सभा में एनईपी-2020 के क्रियान्वयन, परीक्षा परिणाम व अंकपत्र में देरी तथा शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारियों के रिक्त पदों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। सीनेट सदस्यों के सवालों पर प्रशासनिक अधिकारियों के जवाब स्पष्ट नहीं होने से कई बार स्थिति असहज हो गई। सदस्यों ने विद्यार्थियों को होने वाली परेशानियों को लेकर प्रशासन को घेरा।
नागपुर विश्वविद्यालय (RTMNU) के सीनेट सदस्य एड.मनमोहन बाजपेयी ने एनईपी लागू होने के बाद नए पाठ्यक्रम, गाइड चयन, पात्रता प्रमाणपत्र और प्रवेश प्रक्रिया में किए गए बदलावों की जानकारी मांगी। साथ ही प्रवेश-निर्गमन क्रेडिट ट्रैकिंग के नियम और महाविद्यालयों के क्लस्टर बनाए जाने को लेकर भी सवाल उठाए। अधिष्ठाता डॉ.श्याम कोरेट्टी ने बताया कि नए पाठ्यक्रमों के सिलेबस विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
इस पर एड. बाजपेयी ने इंडियन नॉलेज सिस्टम (आईकेएस) के पाठ्यक्रम में बार-बार बदलाव होने पर सवाल उठाते हुए पूछा कि विद्यार्थी आखिर तैयारी कैसे करें, प्र-उपकुलपति डॉ। अखिलेश पेशवे ने बताया कि संबंधित महाविद्यालयों को क्लस्टर बनाने की अनुमति दी गई है। विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति के सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल पुराने प्राध्यापकों के माध्यम से ही पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा है।
राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय की बुधवार को हुई सीनेट बैठक में परीक्षा परिणाम के बाद 15 दिनों में विद्यार्थियों को अंक सूची उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठा।
अधिकारियों ने बताया कि विवि ने 858 परीक्षाओं के परिणाम समय पर जारी किए लेकिन 285 परीक्षाओं के परिणाम और अंक सूची तकनीकी कारणों से प्रभावित हुए। सदस्यों ने बताया कि तीन महीने पहले घोषित परिणामों की अंक सूची भी कई विद्यार्थियों को अब तक नहीं मिली है। इससे विश्वविद्यालय के समयबद्ध अंकसूची वितरण के दावे पर सवाल खड़े हुए।
राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में प्राध्यापकों की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापक के 255 स्वीकृत पदों में से केवल 83 पद भरे हैं जबकि 172 पद रिक्त हैं, इसके अलावा प्राध्यापक-कर्मचारियों के भी सैकड़ों पद खाली हैं।
नागपुर विश्वविद्यालय कुलसचिव डॉ. खंडाल ने बताया कि रिक्त पदों की भर्ती को लेकर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव के साथ लगातार पत्राचार और फॉलोअप किया जा रहा है। लिटू में भी कर्मचारियों की भर्ती का मामला लंबित होने के कारण दोनों विश्वविद्यालयों का संयुक्त प्रस्ताव प्रस्तुत करने का सुझाव दिया गया है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय और लिटू के भर्ती प्रस्ताव को लेकर जल्द ही सचिव से मुलाकात की जाएगी।