आरएसएस प्रमुख ने कैप्टन स्मित की तारीफ की सोर्स- सोशल मीडिया
नागपुर

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कैप्टन स्मित की तारीफ की, कहा- हिंदू स्वभाव को दिखाया

RSS Chief Mohan Bhagwat: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ की है। उन्होंने फ्लाईदुबई पायलट के बारे में कहा कि स्वंय को दूसरों की जान के लिए झोंक दिया है।

नितिन कुमार राय

Highlights:

  • RSS के कार्यक्रम में फ्लाईदुबई पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ

  • सरसंघचालक मोहन भागवन ने तारीफ की है

  • डॉ भागवत ने कहा कि कैप्टन ने हिंदू स्वभाव को दिखाया

RSS Centenary Celebration 2026: RSS प्रमुख मोहन भागवत ने फ्लाईदुबई पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ की. उन्होंने कहा कि मच्छार ने हिंदू भाव को दुनिया के सामने दिखाया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मंगलवार को नागपुर के रेशिमबाग मैदान में अपना वार्षिक विजयादशमी उत्सव मना रहा। यह आयोजन संघ के शताब्दी समारोहों के समापन वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने समारोह के हिस्से के रूप में रेशिमबाग मैदान में शस्त्र पूजा की और आरएसएस के संस्थापक केशव हेडगेवार को पुष्पांजलि अर्पित की।

इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. मोहन भागवत ने फ्लाईदुबई की पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ की.

कैप्टन स्मित ने खुद को झोंक दिया

उन्होंने कहा कि संगठित और बल संपन्न हिन्दू समाज की बात करना या उसके लिए कार्य करना सर्व पंथ समादर की भावना अथवा राष्ट्र की भावनिक एकात्मकता के विरुद्ध नहीं है; हिन्दू समाज का विचार और स्वभाव समावेशक होने के नाते संघ कार्य हम सबकी भावनिक एकात्मता, सद्भावना व सदाचार का पोषक ही होगा। पीढ़ी दर पीढ़ी मिलता रहा यह स्वभाव और संस्कार ही कैप्टन स्मित मच्छार को अपनी प्राणों की बाजी लगाकर मनुष्यों के संरक्षण के लिए स्वयं को झोंक देने की प्रेरणा देता है।

कार्यक्रम में कई गणमान्य मौजूद थे

सरसंघचालक मोहन भागवत ने यह भाषण विजया दशमी पर दिया। इस दौरान कार्यक्रम में कई मेहमान मौजूद थे। जिसमें पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और पश्चिमी भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले मुंबई में इजराइल के महावाणिज्य दूत शामिल हैं। एक निजी अखबार के प्रधान संपादक संजय गुप्ता को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इस दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

हर साल मनाया जाता है त्योहार

आरएसएस की स्थापना 1925 में विजयादशमी के अवसर पर नागपुर में इसके पहले सरसंघचालक केशव हेडगेवार ने की थी। अपनी स्थापना के बाद से ही यह संगठन हर साल इस त्योहार को मनाता आ रहा है। आरएसएस राष्ट्र के पुनर्निर्माण के लिए लोगों द्वारा चलाया जाने वाला एक अनूठा आंदोलन है। इसके उदय को सदियों के विदेशी शासन के जवाब के रूप में देखा जाता है। इसका निरंतर विकास, धर्म पर आधारित भारत के राष्ट्रीय गौरव के विजन के प्रति लोगों के भावनात्मक जुड़ाव का परिणाम है। संघ का मुख्य जोर देशभक्ति और राष्ट्रीय चरित्र के निर्माण पर है।

आरएसएस से जुड़े संगठन का योगदान

कार्यक्रम के माध्यम से मातृभूमि के प्रति समर्पण, अनुशासन, आत्म-संयम, साहस और वीरता की भावना जगाने का प्रयास करता है। संघ का अंतिम लक्ष्य भारत का सर्वांगीण उन्नति है, जिसके लिए प्रत्येक स्वयंसेवक खुद को समर्पित करता है। पिछली एक सदी में, आरएसएस ने शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण और आपदा राहत के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

आरएसएस के स्वयंसेवकों ने बाढ़, भूकंप और चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और पुनर्वास कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लिया है। इसके अलावा, आरएसएस से जुड़े विभिन्न संगठनों ने युवाओं, महिलाओं और किसानों को सशक्त बनाने, जनभागीदारी को बढ़ावा देने और स्थानीय समुदायों को मजबूत करने में योगदान दिया है।

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