रेलवे चोरी, नागपुर स्टेशन,(सोर्स: सौजन्य AI) 
नागपुर

नागपुर स्टेशन का नया ऑफर: टिकट के साथ मोबाइल व चेन गंवाना मुफ्त! सुरक्षा एजेंसियों की नाक के नीचे चोरों का लूट

Nagpur Railway Station: नागपुर स्टेशन और ट्रेनों में चोरी की घटनाएं बढ़ने से यात्रियों में चिंता है। मोबाइल चोरी से लेकर चेन स्नैचिंग तक की वारदातों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

अंकिता पटेल

Nagpur Railway Station Train Theft: नागपुर पिछले कई महीनों से नागपुर स्टेशन और ट्रेनों में चोरों की धमाचौकड़ी आम यात्रियों को लंचा चूना लगा रही है। दूसरी तरफ, यात्रियों की कथित सुरक्षा में तैनात रेलवे सुरक्षा बल और लोहमार्ग पुलिस रेलवे परिसरों में संदिग्धों की पहचान करने में नाकाम साबित हो रही है। यही कारण है कि पहले चार्जिंग पर रखे मोबाइल चोरी करने वाले चोर अब यात्रियों की जेब से मोबाइल और महिलाओं के गले से सोने की चेन पर हाथ साफ करने लगे हैं। चोरों को पता है कि उन पर किसी की नजर नहीं है। फलस्वरूप चोरों की मनमर्जी और सुरक्षा एजेंसियों की नाकामी का खामियाजा उन यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है जो ट्रेनों और स्टेशन परिसर को सुरक्षित समझकर पहुंचते हैं।

पिछले 3 दिनों में हुई चोरियां...पहली घटना

भांडापूरी, जिला पहली घटना बालाघाट, मप्र निवासी वीरेन्द्र सिंह अमृत सिंह पारधी (44) का मोबाइल उनकी शर्ट की जेब से चोरी कर लिया गया, घटना तब हुई जब वे स्टेशन के प्लेटफॉर्म 1 के ओपन वेटिंग हॉल में भोजन के बाद बैठे थे, थकावट के कारण उन्हें नींद आ गई और चोर ने 10,000 रुपये कीमत का मोबाइल चोरी कर लिया।

दूसरी घटना

विजयनगर, राजकोट, गुजरात निवासी कन्हैयालाल वाधाजीभाई घोरेचा (53) अपने परिवार के साथ नागपुर से राजकोट जाने के लिए स्टेशन पहुंचे। प्लेटफॉर्म 8 पर आई ट्रेन के एसड कोच की ओर बढ़ते समय किसी संदिग्ध महिला ने भीड़ का फायदा उठाकर उनके गले में बंधा सोने का लकिट चोरी कर लिया। इसकी कीमत 15,000 रुपये बताई गई।

तीसरी घटना

हिवरीनगर निवासी भरतकुमार मुरलीधर आग्रवाल (51) ट्रेन 12139 सेवाग्राम एक्सप्रेस के कोच एसड में कल्याण से नागपुर का सफर कर रहे थे। नागपुर पहुंचने से पहले किसी अज्ञात आरोपी ने उनकी नींद का फायदा उठाकर 10,000 रुपये कीमत का मोबाइल चोरी कर लिया।

कारण पहले से तैयार, परिणाम नहीं

खास बात है कि जब भी स्टेशन और ट्रेनों में बढ़ती चोनियों के बारे में आरपीएफ और जीआरपी के वरिष्ट अधिकारियों से सवाल किये जायें तो जवाब से पहले कई कारण बताने शुरू कर दिये जाते है। कभी मैनपावर की कमी तो कभी बीएनएस का रोना, लेकिन परिणाम पर कभी काम होता, जबकि 6 से 7 वर्ष पहले इसी नागपुर स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी का चोरों का ऐसा खौफ छ कि वे परिसर में पैर रखते ही पकड़े जाने के डर से आते ही नहीं थे।

यात्रियों की गलती, सोते क्यों है...

स्टेशन हो या ट्रेन, अधिकतर चोरियां यात्रियों की गहरी नींद कर फायदा उठाकर की जाती हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों का अक्सर यह कहना रहता है कि यात्रियों को इतनी गहरी नीद में नहीं सोना चाहिए।

हालांकि यह दलील रेलवे द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं के उलट नजर आती है। रेलवे स्वयं ही ट्रेनों में स्लीपर कलास की सुविधा देती है लेकिन यात्रियों से यह नहीं कहती कि आपको इस स्लीपर क्लास में सोना नहीं, केवल बैठना है, वो भी जागते हुए।

बिहार के वैशाली में बड़ा हादसा, राघोपुर दियारा में नाव पलटने से 11 की मौत; मरने वाले में ज्यादातर बच्चे

कोलकाता में ममता बनर्जी पर जानलेवा हमले की कोशिश, हमलावर ने चाकू से किया अटैक- VIDEO

Explainer: 10 साल में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले, पीएम मोदी का दावा कितना सच?

दिल्ली में प्रदर्शन के लिए चुकाने होंगे लाखों रुपये, रामलीला मैदान से CBD ग्राउंड तक; देखें किसका कितना चार्ज

INDIA ब्लॉक जारी रखेगा विरोध, गठबंधन की टी-पार्टी के बाद सुप्रिया सुले बोलीं- हम एक साथ हैं