निजी बसों को चेतावनी (फाइल फोटो) 
नागपुर

Nagpur: रास्ते में रोकी बस तो परमिट रद्द, डीसीपी ट्रैफिक मतानी की निजी बस चालकों को चेतावनी

Nagpur News: ट्रैफिक पुलिस द्वारा लगाई गई रोक के बावजूद नागपुर में बस चालक बेखौफ होकर बीच रास्ते में बस रोककर सवारी ले रहे है। इसे ध्यान में रखकर अब डीसीपी ट्रैफिक मतानी ने चेतावनी जारी कर दी है।

प्रिया जैस

Nagpur Private Bus: नागपुर सिटी में सुबह 8 से रात 10 बजे के बीच निजी ट्रैवल्स बसों की सड़कों पर पार्किंग, पिक एंड ड्रॉप पर पाबंदी लगाई गई है। इसके बावजूद ट्रैवल्स बस चालक नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए जगह-जगह बस रोककर सवारी ले रहे हैं। इसीलिए अब ट्रैफिक पुलिस ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है।

डीसीपी ट्रैफिक लोहित मतानी ने बस संचालक और चालकों को निर्देशों का पालन करने की सख्त हिदायत दी है। यदि इसके बाद भी मनमानी जारी रही तो पुलिस कार्रवाई करने के साथ ही आरटीओ को बसों का परमिट रद्द करने की रिपोर्ट भेजेगी। ज्ञात हो कि करीब 1 महीने पहले पुलिस ने सिटी की निजी बसों की मनमानी पर नकेल कसने के लिए अधीसूचना जारी कर नए नियम बनाए थे।

बेखौफ वाहन रोक रहे बस चालक

कोई भी बस सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक रास्ते में नहीं रुकेगी। बस संचालकों को केवल निर्धारित अपनी निजी पार्किंग से सवारी लेकर शहर के बाहर जाने की अनुमति है। इसके बावजूद वर्धा रोड, उमरेड रोड और अमरावती रोड पर बस चालक बेखौफ वाहन रोक कर रहे हैं। पहले की तरह ही सवारियां बैठा और उतार रहे हैं। इसकी शिकायत मिलने के बाद मतानी ने सख्ती बरतने का निर्णय लिया है। बार-बार निर्देशों की अवहेलना करने वाली बसों पर मोटर वाहन कानून के तहत कार्रवाई करने के साथ ही परमिट रद्द करवाया जाएगा। साथ ही बसें जब्त की जाएंगी। मतानी ने सभी ट्रैवल्स संचालकों से व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।

आला अधिकारियों के आदेशों का पालन नहीं

उल्लेखनीय बात यह कि सीपी और डीसीपी तो शहर की यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए विभिन्न कदम उठा रहे हैं लेकिन जमीनी स्तर पर इसका पालन होता दिखाई नहीं दे रहा। अधिकारी अधिसूचना तो जारी करते हैं लेकिन बस संचालक तो दूर उन्हीं के विभाग के अधिकारी और कर्मचारी नियम का पालन नहीं करवा पा रहे हैं।

जहां-जहां से बसें चलती हैं संबंधित जोन के अधिकारियों और कर्मचारियों की सेटिंग हो जाती है। वर्धा रोड पर तो दिनभर बसों का जमावड़ा रहता है। पुलिस के पेट्रोलिंग और टोइंग वाहन रास्ते में खड़े अन्य वाहनों को तो हटाते हैं लेकिन बसें उन्हें दिखाई नहीं देतीं। जब तक संबंधित जोन के अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेवारी तय नहीं होगी तब तक व्यवस्था बनाए रखना नामुमकिन है।

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