पारशिवनी में चुनावी संग्राम (डिजाइन फोटो) 
नागपुर

पारशिवनी–कन्हान–कांद्री में सुलगा चुनावी माहौल, दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा का सवाल, कौन मारेगा बाजी?

Parshivni Election News: 2 दिसंबर को होने वाले Parshivni स्थानीय निकाय चुनाव में सांसद बर्वे, मंत्री जायसवाल और पूर्व विधायक रेड्डी की प्रतिष्ठा दांव पर। कई जगह त्रिकोनी-चौकोनी मुकाबला।

प्रिया जैस

Parshivni Local Body Elections: स्थानीय निकाय चुनाव 2 दिसंबर को होने वाले हैं। इसी के साथ सांसद श्यामकुमार बर्वे और राज्य मंत्री आशीष जायसवाल एवं पूर्व विधायक डी. मल्लीकार्जुन रेड्डी की प्रतिष्ठा इस स्थानीय निकाय चुनाव में दांव लग गई हैं। स्थानीय निकाय चुनाव 2 दिसंबर को होने जा रहें हैं।

इस चुनाव में रामटेक नगर परिषद सहित कन्हान नप एवं कांद्री तथा पारशिवनी नपं को कब्जे में लेने के लिए सांसद बर्वे तथा राज्य मंत्री सहित पूर्व विधायक के बीच भी अपनी-अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने को लेकर त्रिकोनी राजनीतिक लड़ाई होने वाली हैं। इस राजनीतिक लड़ाई में राष्ट्रवादी कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रपाल चौकसे के उतरने के कारण कन्हान नगर परिषद तथा कांद्री नगर पंचायत में चौकोनी लढ़त होने वाली हैं।

लड़ाई को त्रिकोणी बनाने की तैयारी

ज्ञात हो की पारशिवनी नपं में भाजपा की पूजा सायरे तथा कांग्रेस से अनिता भड़ एवं शिंदे सेना से सुनीता डोमकी के बीच प्रमुख मुकाबला होने वाला हैं। जबकि, कन्हान में कांग्रेस के चंद्रशेखर पड़ोले एवं भाजपा के राजेंद्र शेंद्रे के बीच होने वाले मुकाबले में राष्ट्रवादी के डॉ. मनोहर पाठक इस लड़ाई को त्रिकोनी बनाने की तैयारी में हैं। अपक्ष नगराध्यक्ष के लिए कैप्टन सतीष बेलसरे, पूर्व नगराध्यक्ष करुणा आष्टनकर सहित बसपा के उम्मीदवार इस चुनावी लड़ाई में क्या गुल खिलाते हैं, यह तो 3 दिसंबर को ही पता चल पाएगा। कांद्री नपं में भाजपा के सुजीत पानतावने का सीधा मुकाबला कांग्रेस के महेश झोडावने से होने वाला हैं। इस लड़ाई में राकां के गणेश पानतावने कितना खलल डालते हैं, यह भी 3 को ही पता चल पाएगा।

शिंदे सेना को जिताने लगाई ताकत

ज्ञात हो की कांद्री नपं सांसद बर्वे का गृहनगर होने के साथ सांसद इस नपं के मतदाता भी हैं। इसलिए सांसद के द्वारा कांद्री नपं को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंकने की पूरी संभावना हैं। जबकि, कन्हान में निवर्तमान नगराध्यक्ष द्वारा अपक्ष नामाकंन भरने के कारण वर्तमान शिंदे सेना के उम्मीदवार को जिताने के लिए राज्यमंत्री के द्वारा पूरी ताकत लगाई जाने वाली हैं।

जबकि इस सीट को लेकर सांसद तथा पूर्व विधायक के द्वारा भी जोर आजमाइश की जाने वाली हैं। कांद्री नपं बनने के पहले ग्रापं शासन काल में 15 वर्षों तक किए गए विकास कार्यों को लेकर जहां कांग्रेस कांद्री नपं में कब्जे की तैयारी में हैं, वहीं पहली बार चुनाव पार्टी के चुनाव चिन्ह के आधार पर होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा कांद्री नपं में अपना कब्जा जमाने की तैयारी में हैं।

सोशल मीडिया का ले रहे सहारा

2 दिसंबर को होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर 25 नवंबर को चुनाव चिन्ह आवंटित होने वाले हैं। जबकि, पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों द्वारा सोशल मीडिया की विविध साइटों के माध्यम से अपना जमकर प्रचार किया जा रहा हैं। सोशल मीडिया को लेकर चुनाव आयोग के कोई स्थायी दिशा निर्देश न होने के कारण सोशल मीडिया का प्रयोग किया जा रहा हैं। चुनाव आयोग द्वारा इस समस्या पर ध्यान देने की मांग निर्दलीय उम्मीदवारों द्वारा की गई हैं।

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