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पुराना भंडारा रोड: पुलिस पहुंची लेकिन नहीं आया तोड़ू दस्ता, चौड़ीकरण की राह में 'दस्तावेजों' का रोड़ा

Old Bhandara Road Widening: पुराना भंडारा रोड पर पुलिस तो पहुंची, पर नहीं आया मनपा का तोड़ू दस्ता। कागजातों की कमी और व्यापारियों के विरोध के कारण दूसरे दिन ही थमी चौड़ीकरण की कार्रवाई।

प्रिया जैस

NMC Demolition Squad: नागपुर जिलाधिकारी विपिन इटनकर के निरीक्षण व आदेश के बाद गुरुवार को तत्काल मनपा के तोड़ू दस्ते ने पुराना भंडारा रोड के चौड़ाईकरण में बाधित प्रॉपर्टी के हिस्सों को तोड़ने में तत्परता दिखाई थी। हालांकि कुछ ओटे ही तोड़े गए थे और व्यापारियों के विरोध के चलते कार्रवाई रोकनी पड़ी थी।

जानकारी मिली थी कि शुक्रवार को 4 जेसीबी मशीनों व तगड़े पुलिस बंदोबस्त के साथ बाधित प्रॉपर्टी को तोड़ने की कार्रवाई जोर-शोर से शुरू की जाएगी लेकिन दूसरे दिन तोड़ू दस्ता ही नहीं पहुंचा। परिसर के नागरिकों ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश के चलते कार्रवाई का निर्णय लिया गया था।

इसलिए शुक्रवार को सुबह से ही पुलिस की टीम तो पुराना भंडारा रोड पर पहुंच गई थी लेकिन एक-डेढ़ घंटे के इंतजार के बाद भी जब तोड़ू दस्ता नहीं पहुंचा तो वह भी वापस लौट गई। एक ही दिन में कार्रवाई रुक जाने से अब तरह-तरह की चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

पूरी तैयारी के साथ होगी कार्रवाई

विपिन इटनकर के निरीक्षण व आदेश के बाद आधी-अधूरी तैयारी के साथ मनपा का तोड़ू दस्ता गुरुवार को कार्रवाई करने 2 जेसीबी लेकर पहुंचा था लेकिन दस्ते के पास प्रॉपर्टी के कागजात व मापजोख नहीं होने के चलते उसने कुछ ओटे ही तोड़े। बताया गया था कि शुक्रवार को 4 जेसीबी व पुलिस बंदोबस्त के साथ कार्रवाई शुरू की जाएगी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पहले ही दिन कुछ व्यापारियों ने हंगामा मचाया था। अधिकारी कागजातों के अभाव में लाचार नजर आ रहे थे। अब समझा जा रहा है कि विभाग पूरी तैयारी के साथ कार्रवाई शुरू करेगा लेकिन कब काम शुरू किया जाएगा, यह बताने वाला कोई नहीं है।

विवादों में हैं कई प्रॉपर्टी

जानकारी के अनुसार, अभी भी इस रोड में कई प्रॉपर्टी विवादों में हैं जिसके चलते मुआवजा के लिए दस्तावेज जमा नहीं कर पाए हैं। कुछ प्रॉपर्टी के एक से अधिक दावेदार हैं और उनके बीच का विवाद बाधा पैदा कर रहा है। हालांकि प्रशासन ऐसी प्रॉपर्टी को तोड़ना शुरू कर सकता है जो पूरी तरह क्लीयर हो चुके हैं।

इनकी संख्या 250 के ऊपर है। कहा जा रहा है कि प्रशासन को सारे प्रकरण निपटाने में और 6-8 महीनों का समय लग सकता है। हालांकि हंसापुरी हिस्से में कुछ बाधित सम्पत्तिधारकों ने खुद ही तोड़ने का काम शुरू किया है। वहीं कुछ प्रशासन द्वारा कार्रवाई शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।

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