NMC Hoardings Policy New Rates: नागपुर शहर में विज्ञापनों के जरिए महानगर पालिका (मनपा) की आय बढ़ाने और अवैध होर्डिंग्स पर नकेल कसने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। शुक्रवार को हुई स्थायी समिति की बैठक में होर्डिंग्स शुल्क की नई दरों का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन समिति ने इन दरों को अन्य महानगर पालिकाओं की तुलना में कम बताते हुए इनमें और वृद्धि करने के निर्देश दिए हैं।
स्थायी समिति की सभापति शिवानी दानी ने जानकारी दी कि विज्ञापन शुल्क में वृद्धि का प्रस्ताव पहले भी पेश किया गया था, जिसे जोनल स्तर पर दरों के आकलन के सुझाव के साथ वापस भेजा गया था। शुक्रवार को जब संशोधित प्रस्ताव रखा गया, तो समिति सदस्यों ने महसूस किया कि प्रस्तावित दरें अन्य बड़े शहरों की तुलना में अब भी कम हैं। चूंकि स्थायी समिति की जिम्मेदारी मनपा की आय को सुव्यवस्थित करना है, इसलिए प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि अगले 10 दिनों के भीतर दरों में और अधिक वृद्धि कर एक नया प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए।
मनपा प्रशासन का मानना है कि वर्तमान दौर में विज्ञापन के तरीके बदल गए हैं। साधारण फ्लेक्स बोर्ड की तुलना में LED स्क्रीन्स और डिजिटल विज्ञापनों से एजेंसियां भारी मुनाफा कमा रही हैं। एक साधारण बोर्ड पर महीनों तक एक ही विज्ञापन रहता है, जबकि LED स्क्रीन्स पर हर मिनट विज्ञापन बदलते हैं। LED/नियॉन विज्ञापनों के लिए अभी 176 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क लिया जा रहा है, इसे बढ़ाकर अब 352 रुपये करने का सुझाव दिया गया है, जिसे और भी बढ़ाया जा सकता है।
नागपुर मनपा के आंकड़ों के अनुसार, नागपुर में विज्ञापनों का जाल काफी व्यापक है। शहर में कुल 987 प्राइवेट होर्डिंग्स हैं, जो लगभग 58,346 वर्ग मीटर क्षेत्र को घेरते हैं। इनमें 549 बिना लाइट वाले और 412 लाइट वाले होर्डिंग्स हैं, जबकि 26 LED होर्डिंग्स सक्रिय हैं। पंजीकृत दुकानों के बोर्ड्स की संख्या 3054 है।
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प्रशासन ने जो प्रारंभिक प्रस्ताव रखा है, उसमें शुल्क श्रेणियों को इस प्रकार विभाजित किया गया है।
ये नई दरें 1 अप्रैल 2026 से इसी वित्तीय वर्ष में लागू करने की योजना है। स्थायी समिति के निर्देशों के बाद इन दरों में अभी और इजाफा होने की पूरी संभावना है।