Manish Kashyap FIR In Nagpur Cyber Police: केंद्र सरकार की फ्लैगशिप इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल (E20) नीति पर जारी देशव्यापी बहस के बीच एक बड़ा कानूनी विवाद सामने आया है। नागपुर शहर की साइबर पुलिस ने मशहूर यूट्यूबर व नेता मनीष कश्यप समेत चार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन सभी पर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ झूठी, भ्रामक और मानहानिकारक सामग्री फैलाने का गंभीर आरोप है।
भारतीय जनता पार्टी के सोशल मीडिया सेल के नागपुर शहर अध्यक्ष शिशिर त्रिपाठी की लिखित शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। दर्ज कराई गई FIR में मनीष कश्यप के अलावा इंस्टाग्राम अकाउंट 'देसी बॉयज' (desi_boysncr), इन्फ्लुएंसर हर्षित राठी और अंकलेश इनवाटी का नाम भी से शामिल है।
शिकायत के मुताबिक, मनीष कश्यप ने 3 जुलाई को एक YouTube वीडियो अपलोड किया था। कश्यप ने पिछले साल BJP छोड़कर प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी जॉइन की थी। इस वीडियो में E20 फ्यूल के बारे में लोगों में गलतफहमी पैदा करने और गडकरी की छवि खराब करने के मकसद से गलत जानकारी दी गई थी।
भाजपा के सोशल मीडिया सेल के नागपुर शहर अध्यक्ष शिशिर त्रिपाठी ने यह भी आरोप लगाया कि बाकी तीन आरोपियों ने इथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल से जुड़े वीडियो में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। उनका मकसद गलत जानकारी फैलाना, कानून-व्यवस्था बिगाड़ना और मंत्री की बदनामी करना था।
नागपुर साइबर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356, 352 और 296 के साथ-साथ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की धारा 67 के तहत यूट्यूबर व नेता मनीष कश्यप समेत चार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भारत में इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति के सबसे बड़े समर्थकों में से एक रहे हैं। सरकार का तर्क है कि इथेनॉल के इस्तेमाल से भारत की विदेशी कच्चे तेल पर निर्भरता कम होगी, कार्बन उत्सर्जन में भारी गिरावट आएगी और गन्ना किसानों की आय के नए स्रोत खुलेंगे।
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हालांकि, सोशल मीडिया और ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स के बीच इस नीति की कमियों को लेकर भी आलोचना हो रही है। वाहन चालकों का दावा है कि E20 ईंधन से गाड़ियों का माइलेज कम हो जाता है और 2023 से पहले बने पुराने वाहनों के इंजन पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि E20 ईंधन इसके अनुकूल (E20 compliant) नए वाहनों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। फिलहाल पुलिस दर्ज शिकायत के आधार पर मामले की आगे की जांच कर रही है।