नितिन गडकरी (सोर्स: सोशल मीडिया) 
नागपुर

वो नेता जिसने राजनीति की स्पीड और देश का नक्शा दोनों बदल दिया! नितिन गडकरी कैसे बने 'द हाईवे मैन ऑफ इंडिया'

Nitin Gadkari Birthday Special: रफ्तार, इनोवेशन और बेबाकी के लिए मशहूर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भारत की सड़कों की सूरत बदल दी। जानिए उनके वो आइडियाज, जिन्होंने इतिहास रच दिया।

आकाश मसने

Highway Man of India Nitin Gadkari Success Story: भारतीय राजनीति में नीतियां अक्सर फाइलों में दबी रह जाती हैं, लेकिन नितिन गडकरी एक ऐसे राजनेता हैं जिनकी नीतियां जमीन पर दौड़ती हैं। कई नेता अपने भाषणों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन नितिन गडकरी उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हैं जिन्हें उनके काम की रफ्तार से पहचाना जाता है। सड़कों, एक्सप्रेसवे और इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए देश की तस्वीर बदलने वाले केंद्रीय मंत्री आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। उन्हें कोई 'द हाईवे मैन ऑफ इंडिया' कहता है तो कोई इनोवेशन गुरु।

नितिन गडकरी का राजनीति सफर

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का जन्मदिन 27 मई 1957 को महाराष्ट्र के नागपुर में जयराम गडकरी और भानुताई गडकरी के घर एक मराठी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उन्होंने नागपुर विश्वविद्यालय से एम. कॉम और एलएलबी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत छात्र संघ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और भारतीय जनता युवा मोर्चा से की। इसके बाद गडकरी का कद भाजपा में लगातार बढ़ता गया। वे 1995 से 1999 तक महाराष्ट्र सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री रहे। उन्होंने भाजपा की महाराष्ट्र राज्य इकाई के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है।

2009 से 2013 तक रहे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष

दिसंबर 2009 में नितिन गडकरी को भाजपा ने पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। यह भाजपा के लिए एक कठिन दौर था क्योंकि पार्टी लगातार दो लोकसभा चुनाव हार चुकी थी। वे 2013 तक इस पद रहे। नितिन गडकरी ने जनवरी 2013 में अपने खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों और आंतरिक विरोध के चलते भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नितिन गडकरी (सोर्स: सोशल मीडिया)

नितिन गडकरी कैसे बने द हाईवे मैन ऑफ इंडिया?

जब नितिन गडकरी ने देश के परिवहन मंत्रालय की कमान संभाली थी, तब देश में सड़कों की रफ्तार काफी धीमी थी। उन्होंने आकर इस रफ्तार को 'टॉप गियर' में डाल दिया। कछुए की गति से चलने वाले सड़क निर्माण को उन्होंने प्रतिदिन करीब 35-40 किलोमीटर तक पहुंचाया, जो एक विश्व रिकॉर्ड बना। इसी कारण उन्हें द हाईवे मैन ऑफ इंडिया कहा जाने लगा।

गडकरी के लीक से हटकर आइडियाज

नितिन गडकरी को सिर्फ सड़कें बनाने के लिए नहीं जाना जाता, बल्कि वो भविष्य की ऐसी तकनीक पर काम करते हैं जो पहली बार सुनने में असंभव लगती है। आइए जानते है उनके कुछ आइडियाज के बारे में जो गेमचेंजर साबित हो रहे हैं।

नितिन गडकरी (सोर्स: सोशल मीडिया)
  • कचरे और प्लास्टिक से हाईटेक सड़कें: नितिन गडकरी ने कचरे के पहाड़ और सिंगल-यूज प्लास्टिक को रीसायकल करके हजारों किलोमीटर हाईवे बनवा दिए।
  • ग्रीन हाइड्रोजन कार: जब नितिन गडकरी देश की पहली हाइड्रोजन कार में बैठकर संसद पहुंचे, तो पूरी दुनिया हैरान रह गई। वह भारत को बिना पेट्रोल-डीजल वाला देश बनाना चाहते हैं।
  • फ्लेक्स-फ्यूल और इथेनॉल क्रांति: किसानों को ऊर्जादाता बनाने के विजन के साथ गडकरी ने 100% इथेनॉल से चलने वाली गाड़ियों को भारत की सड़कों पर उतारा।
  • बांस का क्रैश बैरियर: हाईवे पर सुरक्षा के लिए स्टील की जगह दुनिया का पहला 200 मीटर लंबा बांस से बना क्रैश बैरियर महाराष्ट्र में विदर्भ के वाणी-वरोरा राजमार्ग पर लगाया गया था। इसे आधिकारिक तौर पर बहू बल्ली (या बाहुबली) नाम दिया गया है।

विरोधी भी करते है गडकरी की तारीफ

आज के दौर में जहां पक्ष और विपक्ष में हर वक्त तल्खी दिखती है, वहां गडकरी एक ऐसे ब्रिज की तरह हैं जो दोनों किनारों को जोड़ते हैं। भारतीय राजनीति में ऐसे कई नेता हुए जिन्हे अजातशत्रु कहा जाता है। यानी जिनका कोई विरोधी न हो। नितिन गडकरी भी इस लिस्ट में शामिल है। संसद के भीतर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और विपक्ष के तमाम मुख्यमंत्रियों ने खुले मंच से गडकरी के काम की तारीफ की है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ नितिन गडकरी (सोर्स: साेशल मीडिया)

सोशल मीडिया के दौर में नितिन गडकरी के कई भाषण वायरल हो जाते हैं। जिसमें वे बिना हिचकिचाहट के राजनीति पर साफ बात करते है। इंटरव्यू और भाषणों में काम न होने पर अफसरों और ठेकेदारों को सीधे चेतावनी देते हैं। वो अपनी ही सरकार की कमियों या अफसरशाही पर बिना डरे बोलने के लिए जाने जाते हैं।

हेमंत कैबिनेट के 53 बड़े फैसले: 100 उत्कृष्ट स्कूल, 606 थानों में CCTV, मेडिकल कॉलेजों को करोड़ों की सौगात

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, महाराष्ट्र में समंदर के नीचे से पहाड़ों तक, एक साथ चल रहा काम

FREMAA Recruitment 2026: IT असिस्टेंट समेत 12 पदों पर भर्ती, 40,000 तक सैलरी; 6 सितंबर तक करें आवेदन

आंध्र प्रदेश में खौफनाक वारदात, श्रीशैलम के लॉज में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत; 3 दिन से बंद था कमरा

क्या राजनीति छोड़ रहे हैं नितिन गडकरी? संन्यास की अटकलों पर केंद्रीय मंत्री ने तोड़ी चुप्पी, जानिए पूरा सच