पुलिस की प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स- AI
नागपुर

नागपुर में ट्रेडर ने तीन GST अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप, कोरे कागजों पर जबरन साइन कराने की शिकायत

Nagpur GST Officer Complaint: नागपुर के इतवारी स्थित न्यू आयरन मार्केट के व्यापारी ने तीन जीएसटी अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना और कोरे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर कराने का गंभीर आरोप लगाया है।

प्रमोद यादव

Highlights

  • इतवारी के न्यू आयरन मार्केट के व्यापारी भावेश चंद्रकांत गांधी ने तीन GST अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दी है।

  • शिकायत में 20 जुलाई 2026 को निवास पर पहुंचकर दबाव बनाने और कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराने का आरोप लगाया गया है।

  • व्यापारी ने परिवार को परेशान करने, धमकाने और कारोबार प्रभावित होने का दावा किया है।

Itwari New Iron Market Nagpur: नागपुर जिले के इतवारी अनाज बाजार स्थित न्यू आयरन मार्केट में प्रमुख व्यापारी भावेश चंद्रकांत गांधी ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) विभाग के 3 अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए सदर पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

व्यापारी का आरोप है कि जीएसटी विभाग के अधिकारी उन्हें फर्जी और झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने पुलिस स्टेशन के अलावा राज्य के मुख्यमंत्री और नागपुर पुलिस आयुक्त से भी शिकायत कर पूरे मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

20 जुलाई 2026 को जीएसटी विभाग के 3 अधिकारी

गांधी द्वारा पुलिस को दी गई लिखित शिकायत के मुताबिक, 20 जुलाई 2026 को जीएसटी विभाग के 3 अधिकारी प्रशांत, देवेंद्रकुमार मरकाम और किशन यादव अचानक उनके निवास स्थान पर पहुंचे थे।

आरोप है कि इस दौरान अधिकारियों ने उनके पूरे परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित और परेशान किया। इतना ही नहीं, अधिकारियों ने उन पर अनुचित दबाव बनाकर कोरे कागजों तथा बयानों वाले पन्नों पर जबरन हस्ताक्षर करवा लिए, गांधी ने गहरी आशंका जताई है कि इन सादे कागजातों पर लिए गए हस्ताक्षरों का दुरुपयोग कर उन्हें किसी बड़े और झूठे मुकदमे में फंसाया जा सकता है।

कारोबार ठप करने, जान का खतरा बताने का आरोप

गांधी ने अपनी शिकायत में कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (GST) अधिकारियों की इस कार्रवाई से उनका व्यापार पूरी तरह ठप हो गया है। अधिकारी लगातार उन्हें धमकियां दे रहे हैं और समाज में उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।

अपनी जान पर मंडराते खतरे का हवाला देते हुए उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष व पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता की उचित धाराओं के तहत अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है।

शिकायतकर्ताओं ने जांच एजेंसियों के समक्ष गुहार लगाई

सूत्रों ने बताया कि जिन अधिकारियों की शिकायत की गई है, उन पर बड़े अधिकारियों की छत्रछाया काफी पहले से है। पूर्व में भी अनेक बार शिकायत की गई थी, लेकिन अधिकारियों ने जानबूझ कर मामले को रफा-दफा कर दिया।

इसके बाद शिकायतकर्ताओं ने पुलिस, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) सहित विभिन्न जांच एजेंसियों के समक्ष गुहार लगाई है। आला अधिकारियों की दया इतनी है कि अधिनस्थ अधिकारियों के हौसले बुलंद हो चुके हैं।

ऐसा इसलिए कि केवल इतवारी के व्यापारी ने नहीं, कुछ लोगों ने भी सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई है, बावजूद पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। अब देखने वाली बात यह है कि बड़े अधिकारी अपने 'प्रिय' अधिकारियों को कितने दिनों तक और कैसे बचाते है।

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