नागपुर के बाल उद्यान, प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स- सोशल मीडिया
नागपुर

नागपुर के बाल उद्यान की दुर्दशा, 4.5 करोड़ के विकास कार्यों के बाद भी रखरखाव के अभाव में जंग खा रहे झूले

Nagpur Children Park: नागपुर के सेमिनरी हिल्स स्थित बाल उद्यान में 4.5 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद रखरखाव के अभाव में झूले जंग खा रहे हैं। प्रवेश शुल्क वसूला जा रहा है पर व्यवस्था बेहाल है।

रूपम सिंह

Highlights

  • नागपुर के सेमिनरी हिल्स बाल उद्यान के झूले जंग खा रहे हैं।

  • ₹4.5 करोड़ खर्च के बाद भी रखरखाव की अनदेखी।

  • प्रवेश शुल्क वसूली जारी, लेकिन झूलों की मरम्मत नहीं होने से बच्चों की सुरक्षा पर सवाल।

Nagpur Seminary Hills Children Park: नागपुर को स्मार्ट सिटी बनाने और शहर के विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। लेकिन विकास कार्यों के बाद सुविधाओं का नियमित रखरखाव नहीं होने से इन दावों पर सवाल उठ रहे हैं। इसका एक उदाहरण पश्चिम नागपुर के सेमिनरी हिल्स स्थित बाल उद्यान में देखने को मिल रहा है।

कुछ समय पहले करोड़ों रुपये की लागत से विकसित किए गए इस उद्यान में अब कई झूलों और उपकरणों पर जंग लगने लगा है। कुछ जगहों पर झूले क्षतिग्रस्त अवस्था में दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।

सैकड़ों पर्यटकों की पसंद है बाल उद्यान

सेमिनरी हिल्स स्थित बाल उद्यान नागपुर शहर के प्रमुख मनोरंजन स्थलों में शामिल है। यहां प्रकृति का आनंद लेने और बच्चों के साथ समय बिताने के लिए रोजाना सैकड़ों लोग पहुंचते हैं। विकास कार्यों के बाद उद्यान में नई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं, जिससे पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलने की उम्मीद थी। हालांकि, अब रखरखाव की कमी के कारण लोगों को निराशा का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों और उद्यान में आने वाले पर्यटकों का कहना है कि प्रशासन को यहां नियमित सफाई, मरम्मत और उपकरणों की देखभाल पर ध्यान देना चाहिए। जंग लगे और क्षतिग्रस्त झूले बच्चों के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। इसलिए ऐसे उपकरणों की समय पर मरम्मत या जरूरत पड़ने पर उन्हें इस्तेमाल से हटाना जरूरी है।

रखरखाव में लापरवाही, प्रवेश शुल्क की वसूली जारी

पर्यटकों की शिकायत है कि उद्यान में झूलों और अन्य सुविधाओं के रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जबकि प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है। लोगों का सवाल है कि जब उद्यान में आने वाले नागरिकों से शुल्क वसूला जा रहा है, तो सुविधाओं की सुरक्षा और नियमित देखभाल सुनिश्चित क्यों नहीं की जा रही है।

बाल उद्यान में आने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से झूलों की नियमित जांच, जंग हटाने, पेंटिंग और टूटे उपकरणों की मरम्मत आवश्यक है। प्रशासन की ओर से इन समस्याओं पर क्या कार्रवाई की जा रही है, इस बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आना भी जरूरी है।

वर्ष 2024 में मंजूर हुआ था 4.5 करोड़ रुपये का फंड

बताया जाता है कि वर्ष 2024 में बाल उद्यान के विकास के लिए 4.5 करोड़ रुपये का फंड मंजूर किया गया था। उस समय तत्कालीन उप वन संरक्षक ने उद्यान में नए झूले लगाने, नागरिकों के लिए वॉकिंग ट्रैक बनाने, बैठने की व्यवस्था उपलब्ध कराने और विभिन्न खेल गतिविधियों से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने की जानकारी दी थी।

इन कार्यों के बाद अब उद्यान में झूलों पर जंग लगने और कुछ उपकरणों के क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार की गई सुविधाओं की ऐसी स्थिति ने रखरखाव की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। अब नागरिकों की मांग है कि संबंधित प्रशासन उद्यान का निरीक्षण करे, खराब झूलों की मरम्मत कराए और भविष्य में नियमित देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित करे।

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