नागपुर आरएमसी प्लांट,(प्रतिकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया) 
नागपुर

प्रदूषण नियंत्रण में आरएमसी प्लांट की बड़ी भूमिका, स्वच्छ और सुरक्षित नागपुर के लिए उद्योग का संकल्प

Nagpur RMC Plants: नागपुर में आरएमसी प्लांटों ने प्रदूषण नियंत्रण और बेहतर गुणवत्ता वाले कंक्रीट के लिए संकल्प लिया। पौधारोपण, एयर फिल्टर और नियम पालन से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा।

अंकिता पटेल

Nagpur Pollution Control Measures: नागपुर जरा सिटी की कल्पना आरएमसी प्लांट के बिना करके देखिए, हर साइट पर रेत, सीमेंट, बजरी और गिट्टी बिखरी हुई मिलेंगी, जिससे शहर में सैकड़ों कंस्ट्रक्शन साइटों पर प्रदूषण और दुर्घटनाएं होंगी। इसका शहर में प्रदूषण फैलाने वाला एक लंबे समय तक रहने वाला असर होगा, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया।

रेडी मिक्स काँक्रीट (आरएमसी) एसोसिएशन मुख्य रूप से इन चिंताओं को कम करने में मदद करता है। आरएमसी एसोसिएशन के सदस्यों ने एक बैठक कर अपने शहर को बेहतरीन क्वालिटी का काँक्रीट और प्रदूषण मुक्त वातावरण देने का संकल्प लिया, एमपीसीबी की आरओ हेमा देशपांडे के नेतृत्व और मनोज वटाणे तथा राठौड़ की सहायता से, जिन्होंने सक्रिय रूप से मार्गदर्शन दिया और नियमों का पालन सुनिशिचत करवाया।

इससे आरएमसी प्लांटों को काफी हद तक प्रदूषण मुक्त बना दिया है। पौधारोपण, एयर फिल्टर और प्लांट कवर लगाने से प्लांट के आसपास प्रदूषण के स्तर को काफी कम करने में बहुत मदद मिली है।

पूरी तरह किया जाएगा नियमों का पालन

आरएमसी एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. संजय लोदा के अनुसार महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा किए गए प्रदूषण के स्रोतों के बंटवारे के अध्ययन का जिक्र करना यहां उचित होगा।

इस अध्ययन के अनुसार सड़क की धूल का दोबारा हवा में उड़ना (61%), बाहन (18%), निर्माण कार्य और इंट के भ(4.5%), घरेलू ईंधन जालाना (7.5%), और उद्योग (1.25%) कणी वाले प्रदूषण के मुख्य स्रोत हैं।

निर्माण कार्य से जुड़ी मूल जिसमें खुदाई, मलबा हटाना और सामग्री की दुलाई शामिल है, का हिस्सा लगभग 11% है, इसमें से आरएमसी से जुड़ा हिस्सा बहुत ही छोटा है, जो 1% से भी कम और नगण्य है। नागपुर जिले के 40 आरएमसी संवालकों ने भाग लिया।

उपलब्ध हो बेहतरीन क्वालिटी वाला कंक्रीट

ग्राहकों को उचित दरों पर बेहतरीन क्वालिटी का और टिकाऊ काँक्रीट उपलब्ध कराया जाना वाहिए। यह भी तव किया गया कि आम जनता की मदद के लिए एक हेल्पलाइन नंबर शुरू किया आर, ताकि आरएमसी से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान किया जा सके, संक्षेप में कहें ती। ग्राहकों की नजर में इस उत्पाद की छवि को इस रूप में बदलना है कि यह शहर में प्रदूषण कम करने वाला एक उत्पाद है। बैठक में उपाध्यक्ष डॉ. नितिन अग्रवाल, सचिव ओंकार कुनावार और पार्थ जायसवाल सहित अन्य उपस्थित थे।

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