अंतरराज्यीय ‘खगड़िया पेपर गैंग’ का पर्दाफाश (सौजन्य-नवभारत) 
नागपुर

सावधान! पैसेंजर ट्रेन में अखबार पढ़ना पड़ सकता है भारी; नागपुर में पकड़ा गया शातिर 'खगड़िया पेपर गैंग'

Khagaria Paper Gang: नागपुर में अंतरराज्यीय 'खगड़िया पेपर गैंग' का पर्दाफाश। इतवारी पैसेंजर ट्रेनों में गहने चोरी करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार। जानें अखबार की आड़ में कैसे देते थे वारदात को अंजाम।

प्रिया जैस

Khagaria Paper Gang Train Robbery: दक्षिण-पूर्व-मध्य रेल नागपुर मंडल के रेलवे सुरक्षा बल और लोहमार्ग पुलिस द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए इतवारी से चलने वाली 2 पैसेंजर ट्रेनों में कुल 4,65,553 रुपये के गहने चोरी मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये सभी आरोपी अंतरराज्यीय ‘खगड़िया पेपर गैंग’ के सदस्य हैं।

क्या है मामला

जानकारी के अनुसार, उक्त गैंग ने 26 मार्च को ट्रेन 55189 इतवारी–छिंदवाड़ा पैसेंजर में एक यात्री के बैग से सोने-चांदी के आभूषण समेत कुल 2,44,700 रुपये का माल चोरी कर लिया था। इससे पहले 16 फरवरी को भी इसी प्रकार की चोरी इतवारी थाने में दर्ज की गई थी। ट्रेन 58206 इतवारी–रायपुर पैसेंजर में भी एक यात्री के ₹2,20,853 रुपये मूल्य के कीमती आभूषण चोरी हुए थे। ऐसे में इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मंडल सुरक्षा आयुक्त दीप चंद्र आर्य के निर्देशन में टास्क टीम एवं डिकॉय टीमों का गठन किया गया, साथ ही अपराध गुप्तचर शाखा द्वारा तकनीकी विश्लेषण एवं गुप्त निगरानी कर आरोपियों की तलाश की जा रही थी।

तीसरी चोरी की तैयारी में धराये

इस बीच गुप्त सूचना मिली कि गैंग के लोग एक बार फिर ट्रेन 58206 में किसी यात्री का सामान चोरी करने के लिए सवार हुए हैं। फिल्डिंग लगाकर 3 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। सीसीटीवी फुटेज एवं पीड़ितों की पहचान के आधार पर उनकी संलिप्तता की पुष्टि हुई।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वयं को अंतरराज्यीय खगड़िया पेपर गैंग (Khagaria Paper Gang) का सदस्य स्वीकार किया। यह कार्रवाई डीएससी आर्य तथा जीआरपी एसपी मंगेश शिंदे के मार्गदर्शन में एएसआई जेके सिंह, रामफल कुरैती, राजू पेशने, पंकज भंडारकर तथा जीआरपी इतवारी की थाना प्रभारी नीलम डोंगरे द्वारा की गई।

कैसे अंजाम देते थे चोरी को

ज्ञात हो कि यह गिरोह मुख्यतः पैसेंजर ट्रेनों में ऊपरी बर्थ पर रखे बैग एवं सूटकेस को निशाना बनाता है। आरोपी अखबार फैलाकर या बैग की आड़ में चेन खोलकर अंदर रखे कीमती सामान चोरी कर लेते हैं और पुनः चेन बंद कर देते हैं जिससे यात्रियों को तत्काल वारदात का आभास नहीं होता।

गिरोह का संचालक बिहार के खगड़िया क्षेत्र का निवासी है जो छत्तीसगढ़ के भिलाई में रहकर गिरोह संचालित करता है तथा बेरोजगार युवकों को लालच देकर इस अपराध में शामिल करता है, इसलिए इस गैंग का नाम खगड़िया पेपर के नाम से कुख्यात है।

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