नागपुर मनपा प्रभाग 9 (डिजाइन फोटो) 
नागपुर

Nagpur Elections: प्रभाग-9 में बसपा का किला या कांग्रेस का पलटवार? दांव पर बीजेपी की उम्मीदें

Nagpur Civic Election: नागपुर प्रभाग 9 में बसपा-कांग्रेस की कड़ी टक्कर, भाजपा तीसरी पंक्ति में। विकास कार्य और आरक्षण लॉटरी से बदले चुनावी समीकरण।

प्रिया जैस

Prabhag 9 Analysis: नागपुर महानगरपालिका के प्रभाग क्रमांक 9 पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का वर्चस्व रहा है। पिछले चुनाव में यहां से कांग्रेस ने एक सीट पर जीत हासिल की थी। यह प्रभाग पश्चिम और उत्तर नागपुर में कांग्रेस के विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों में फैला हुआ है।

इसलिए कांग्रेस की पूर्व नगरसेविका विधायक निधि से विकास कार्य करने का दावा कर रही हैं। वहीं बसपा के 3 पूर्व पार्षद भी यहां हैं जिनमें एक पूर्व महिला पार्षद और 2 पूर्व पार्षद भी विकास के प्रति दावे कर रहे हैं।

कांग्रेस के दावे : गड्डीगोदाम, मेकोसाबाग, लुम्बिनीनगर जैसे झोपड़पट्टी वाले क्षेत्रों में पुरानी सीवेज लाइन बदलना, नई जलवाहिनी (पानी की पाइपलाइन) का जाल बिछाना और फ्लोरिंग जैसे काम किए गए हैं।

बसपा के दावे : बेझनबाग में सड़कों का निर्माण, गोल बाजार में नया कत्लखाना (स्लॉटर हाउस) और जलवाहिनी का कार्य किया गया है।

पिछले चुनाव में यहां भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के 3 उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रहे थे, जबकि एक उम्मीदवार दूसरे स्थान पर था।

बीजेपी के इच्छुक उम्मीदवारों को इस प्रभाग में राज्य और केंद्र सरकार द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर चुनाव लड़ना होगा। इस बार बीजेपी यहां खाता खोल पाएगी या नहीं, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

प्रभाग में हुए कई सुधार कार्य

प्रभाग-9 में बसपा के 3 पार्षद हैं। बसपा के पूर्व पार्षद नरेंद्र वालदे ने दावा किया कि उन्होंने मेट्रो फ्लाईओवर को चर्च के सामने की बजाय एलआईसी चौक पर उतारने के लिए लगातार प्रयास किया। उन्होंने कहा कि इसके लिए व्यापारियों को भी साथ लिया गया था। उन्होंने 2017 की शुरुआत में ही प्रभाग में सवा करोड़ रुपये के काम लाने का भी दावा किया।

ममता सहारे ने प्रभाग की बस्तियों में स्ट्रीट लाइटें, हाई-मास्ट लाइटें लगाने और पार्कों को अच्छी स्थिति में लाने का दावा किया। उन्होंने प्रभाग में 2 स्थानों पर डॉ. बाबासाहब आम्बेडकर और रमाई की मूर्तियां स्थापित करने का भी दावा किया।

संजय बुर्रेवार ने इंदोरा बेझनबाग क्षेत्र में नई सीवेज लाइन, पानी की समस्या का समाधान और सार्वजनिक शौचालय बनाने का दावा किया।

कांग्रेस की स्नेहा निकोसे का कहना है कि उन्होंने विधायक विकास ठाकरे की विधायक निधि से प्रभाग में काम कराए हैं। उन्होंने कहा कि पार्षद न होते हुए भी वे पिछले 4 वर्षों से लगातार नागरिकों के संपर्क में हैं और उनकी समस्याओं को हल करने पर जोर दे रही हैं।

बॉक्स : 2017 के चुनाव की स्थिति

विजयी उम्मीदवार (पार्टी) मत दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार (पार्टी) मत
स्नेहा विवेक निकोसे (कांग्रेस) 7,906 किरण पाटनकर (बसपा) 7,558
संजय बुर्रेवार (बसपा) 8,222 किशोर जिचकार (कांग्रेस) 7,016
ममता महेश सहारे (बसपा) 9,201 हिमादी राजीव थूल (कांग्रेस) 6,867
नरेंद्र वालदे (बसपा) 8,058 फारुख शेख (भाजपा) 5,852

इच्छुक उम्मीदवारों की सूची

बसपा : नरेंद्र वालदे, अश्विनी मनोज गजभिये, परवीन कुरैशी, राकेश मेश्राम, ममता सहारे, पवन मेश्राम।

कांग्रेस : स्नेहा निकोसे, अभिषेक देवा उसरे, गौतम अंबादे, संजय बुर्रेवार, जयकुमार रामटेके, विजयालक्ष्मी हजारे, रोहित यादव, विवेक निकोसे।

भाजपा : दीपक अरोरा, कैलाश केवलरामाणी, दौलत कुंगवाणी, रवि चंदवाणी, फारुख शेख, नीलम केवलरामानी, रमेश वानखेड़े, सुधीर जांभुलकर, अशोक कोल्हटकर, राखी मानवटकर, शेंडे।

मतदाताओं का समीकरण

वर्ग संख्या
कुल जनसंख्या 59,026
अनुसूचित जाति (SC) 27,138
अनुसूचित जनजाति (ST) 2,651
ओबीसी (OBC) 16,000
मुस्लिम 11,000

आरक्षण लॉटरी के बाद की स्थिति

9-अ : अनुसूचित जाति (SC)

9-ब : ओबीसी (महिला)

9-क : सर्वसाधारण (महिला)

9-ड : सर्वसाधारण

विकास कार्यों के बल पर जनता के बीच

प्रभाग-9 जो उत्तर नागपुर और पश्चिम नागपुर दोनों विधानसभा क्षेत्रों का हिस्सा है, यहां विकास कार्य हुए हैं। पिछले 4 वर्षों से मनपा में पार्षद न होने के बावजूद पूर्व पार्षद अपनी क्षमता के अनुसार विकास कार्य लाए। पश्चिम और उत्तर नागपुर में कांग्रेस विधायक होने से निधि लाकर झोपड़पट्टी क्षेत्रों में काम किए। अब इन सभी ने किए गए कार्यों के बल पर अपने-अपने दलों से उम्मीदवारी का दावा किया है।

बसपा के सामने सफलता बनाए रखने की चुनौती

पिछले चुनाव में इस प्रभाग में बसपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर थी।

भाजपा की स्थिति : भाजपा 'अ', 'ब', 'क' में तीसरे स्थान पर थी, जबकि 'ड' में दूसरे स्थान पर थी। 'ड' में कांग्रेस तीसरे स्थान पर थी। पिछले चुनाव में भाजपा जिन 7 प्रभागों में सफल नहीं हो पाई थी, यह प्रभाग उनमें से एक था।

वोट का अंतर : भाजपा के उम्मीदवार और विजयी उम्मीदवार के बीच वोटों का अंतर 2 से 3.5 हजार तक था।

कांग्रेस की स्थिति :कांग्रेस की स्नेहा निकोसे पिछले चुनाव में केवल 348 वोटों से जीती थीं, जबकि बसपा की किरण पाटणकर दूसरे स्थान पर थीं। इसके विपरीत, बसपा के 2 उम्मीदवारों ने कांग्रेस के उम्मीदवारों को 1,200 से 2,200 वोटों के बड़े अंतर से हराया था, इसलिए कांग्रेस को भी यहां लापरवाह रहना भारी पड़ सकता है।

अन्य दल : शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने भी यहां किस्मत आजमाई थी। राष्ट्रवादी को 1,300 और शिवसेना को 630 वोट मिले थे।

आगामी चुनाव में भाजपा को बसपा और कांग्रेस के गढ़ को भेदने के लिए अपनी पूरी ताकत लगानी होगी।

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