Nagpur Festival Security Rules: नागपुर में आगामी 70वें धम्मचक्र प्रवर्तन दिन, विजयादशमी और आगामी नवरात्रोत्सव को देखते हुए नागपुर पुलिस ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कमर कस ली है।
त्योहारों के दौरान शहर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और नागरिकों की भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए सीपी विश्वास नांगरे पाटिल की अध्यक्षता में बुधवार को समीक्षा बैठक हुई। इसमें सुरक्षा बंदोबस्त, यातायात प्रबंधन और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई समेत विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में ज्वाइंट सीपी नवीनचंद्र रेड्डी सहित आला पुलिस अधिकारी, डॉ। बाबासाहब आंबेडकर स्मारक समिति दीक्षाभूमी, ड्रैगन पैलेस, नागलोक के पदाधिकारी सहित महानगरपालिका, एनआईटी, महावितरण और अन्न औषधी प्रशासन के अधिकारी भी उपस्थित थे।
पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों, धार्मिक स्थलों, जुलूस मार्गों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और प्रमुख चौक-चौराहों पर पर्याप्त पुलिस बंदोबस्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
धम्मचक्र प्रवर्तन दिन और विजयादशमी के अवसर पर निकलने वाले जुलूसों को देखते हुए यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष नियोजन किया जाएगा।
जुलूस मार्ग, पार्किंग स्थल, भीड नियंत्रण और आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा
नागपुर शहर में नवरात्रोत्सव के दौरान गरबा, दांडिया, देवी विसर्जन जुलूस और सार्वजनिक मंडलों में होने वाली भीड़ को देखते हुए भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष उपाय करने, कार्यक्रम स्थलों पर सीसीटीवी से निगरानी रखने और यातायात को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए। अफवाहों और आपत्तिजनक संदेशों को लेकर भी पुलिस सतर्क रहेगी।
नागपुर शहर पुलिस आयुक्तालय के ऑडिटोरियम हॉल में पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल की अध्यक्षता में शहर के प्रमुख डॉक्टरों और चिकित्सा संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ सुरक्षा मुद्दों पर एक संवाद सत्र का आयोजन किया गया।
इस बैठक में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) नागपुर के अध्यक्ष डॉ. सचिन गाथे और महाराष्ट्र राज्य की अध्यक्ष डॉ. मंजुषा गिरी प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उद्घाटन सह पुलिस आयुक्त नवीनचंद्र रेड्डी ने किया।
सीपी विश्वास नांगरे पाटिल ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवा देने वाले डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा एक अत्यंत संवेदनशील विषय है। उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि डॉक्टरों या स्वास्थ्य कर्मचारियों पर किसी भी प्रकार का हमला या हिंसा कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।