CJI गवई पर हमले को लेकर सड़कों पर उतरे शरद पवार गुट के कार्यकर्ता, नागपुर में प्रदर्शन 
नागपुर

CJI गवई पर हमले को लेकर सड़कों पर उतरे शरद पवार गुट के कार्यकर्ता, नागपुर में प्रदर्शन

BR Gavai controversy: मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई के अपमान पर NCP (SP) सड़कों पर उतरी। अनिल देशमुख और विजय वडेट्टीवार ने केंद्र सरकार और संविधान विरोधी संगठनों पर निशाना साधा।

अर्पित शुक्ला

Nagpur News: भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई के अपमान को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। इस घटना के विरोध में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) ने राज्यभर में आंदोलन शुरू कर दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बताया कि एनसीपी (एसपी) संविधान और न्यायपालिका की रक्षा के लिए सड़कों पर उतर चुकी है।

अनिल देशमुख ने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश पर हमले की कोशिश की गई, जो बेहद गंभीर और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि संविधान राष्ट्र की आत्मा है और उसकी रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है। लेकिन आज देश में कुछ ऐसे संगठन सक्रिय हैं जो संविधान का सम्मान नहीं करते और उसमें बदलाव की बात करते हैं।

देशमुख ने कहा कि सोशल मीडिया पर मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई के खिलाफ चलाए जा रहे कैंपेन की सच्चाई सामने लाने के लिए केंद्र सरकार को जांच करवानी चाहिए। उन्होंने कहा, “कौन लोग इस साजिश के पीछे हैं, यह सभी जानते हैं। जो संगठन संविधान के खिलाफ काम कर रहे हैं, उनका चेहरा जांच के बाद उजागर होगा।”

एनसीपी (एसपी) नेता ने कहा कि पार्टी संविधान और न्यायपालिका पर हो रहे हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगी और जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि संविधान की मूल भावना पर प्रहार है।

वहीं, इस मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने केंद्र सरकार और मौजूदा विचारधारा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में आज जिस विचारधारा को बढ़ावा दिया जा रहा है, उसने न्यायपालिका तक को प्रभावित कर दिया है। उन्‍होंने कहा, “जिस तरह से पूरे देश को चलाया जा रहा है और जिस विचारधारा को पोषित किया जा रहा है, उससे स्पष्ट है कि न्यायपालिका में बैठे लोग भी संविधान की भावना के अनुरूप काम नहीं कर पा रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि आज देश में धर्म को विकृत रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है और जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया, “धर्म और राजनीति को अलग रहना चाहिए, लेकिन मौजूदा समय में दोनों को मिलाकर देश को बर्बादी की ओर धकेला जा रहा है। मनुवादी विचारधारा समाज को पीछे ले जा रही है और सरकार ऐसे लोगों को समर्थन दे रही है।”

कांग्रेस नेता ने कहा कि इस घटना से भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचा है और सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश गवई को संविधान के प्रति समर्पित और बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों को आगे ले जाने वाला व्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि इस हमले की जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है, क्योंकि यह सिर्फ व्यक्ति विशेष पर नहीं, बल्कि संविधानिक मूल्यों पर हमला है। -एजेंसी इनपुट के साथ

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