Nagpur Monsoon Gitanjali Square Wall Collapse: महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर में रविवार को हुई मूसलाधार बारिश ने जहां एक ओर तपती गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर शहर के बुनियादी ढांचे की जर्जर हालत ने एक बड़े हादसे को जन्म दे दिया। शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में शुमार गीतांजलि चौक के पास एक पुरानी इमारत की विशाल दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। यह हादसा इतना खतरनाक था कि दीवार का मलबा सीधे नीचे खड़ी एक सफेद रंग की क्रेटा कार पर जा गिरा, जिससे गाड़ी पूरी तरह चकनाचूर हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार को नागपुर में भारी बारिश हो रही थी, तभी अचानक एक जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। जब तक लोग कुछ समझ पाते, गीतांजलि चौक के पास एक इमारत की पुरानी दीवार का बड़ा हिस्सा नीचे खड़ी कार पर गिर चुका था। इस आकस्मिक घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि इस हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत पास के मेयो अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। हालांकि उनकी वर्तमान स्थिति को लेकर अभी और जानकारी का इंतजार है।
गीतांजलि चौक नागपुर का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र और बेहद व्यस्त इलाका है। यहां दिन भर हजारों लोगों की आवाजाही लगी रहती है और आसपास कई छोटी-बड़ी दुकानें स्थित हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह हादसा प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी है। यदि यह घटना किसी वर्किंग डे पर हुई होती, तो मरने वालों की संख्या बहुत ज्यादा हो सकती थी। सड़क किनारे पैदल चलने वाले राहगीर और दुकानदार अब इस डर में जीने को मजबूर हैं कि अगली बार कौन सी दीवार उनके ऊपर गिर जाए।
इस हादसे ने नागपुर मनपा और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के बीचों-बीच स्थित ऐसी पुरानी और जर्जर इमारतों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। स्थानीय लोगों का तर्क है कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी। आसपास की कई अन्य इमारतें भी जर्जर अवस्था में हैं, जो किसी भी वक्त ढह सकती हैं। प्रशासन द्वारा अब इस मामले की जांच के आदेश दिए जाने की संभावना है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस दीवार के गिरने का असली कारण क्या था और क्या इसे पहले ही हटाया जा सकता था।
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इस घटना के बाद शहरवासियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि व्यस्त इलाकों में जर्जर निर्माणों का होना राहगीरों की जान के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। मानसून की शुरुआत में ही यदि ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो आने वाले दिनों में खतरा और बढ़ सकता है। अधिकारियों को जल्द से जल्द ऐसी पुरानी संरचनाओं का 'सेफ्टी ऑडिट' करना चाहिए, ताकि बेगुनाह नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। फिलहाल, पुलिस और संबंधित अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और मलबे को हटाने का काम जारी है।