नागपुर लंदन स्ट्रीट प्रोजेक्ट, (प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया) 
नागपुर

पेड़ कटेंगे या बचेंगे? नागपुर लंदन स्ट्रीट प्रोजेक्ट में पेड़ कटाई पर विवाद, हाई कोर्ट ने सत्यापन के दिए आदेश

Nagpur London Street project: नागपुर के लंदन स्ट्रीट प्रोजेक्ट में पेड़ कटाई को लेकर विवाद बढ़ा, हाई कोर्ट ने पौधारोपण दावों के भौतिक सत्यापन का फैसला लिया।

अंकिता पटेल

Nagpur Tree Cutting Controversy: नागपुर वर्धा रोड से लेकर 5.5 किलोमीटर लंबा तैयार हो रहा अंरिंज सिटी स्ट्रीट (लंदन स्ट्रीट) प्रकल्प मामले में फिलहाल पेड़ों की कटाई को लेकर हाई कोर्ट में सुनवाई जारी है। लंदन स्ट्रीट पर चल रहे विकास कार्यों के तहत पेड़ों की कटाई और उनके बदले किए जाने वाले अनिवार्य पौधारोपण को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया है।

मामले में किए गए दावों पर संदेह जताते हुए अब पौधारोपण स्थलों का भौतिक सत्यापन करने का निर्णय लिया गया है। बुधवार को सुनवाई के दौरान मनपा की पैरवी कर रहे अधि। जैमिनी कासट ने कोर्ट को बताया कि लंदन स्ट्रीट के विकास कार्यों के संबंध में हाल ही में पेड़ों की एक गणना की गई थी जिसके अनुसार पूरे क्षेत्र में कुल 4,568 पेड़ मौजूद हैं।

वर्तमान में प्लॉट नंबर 3, 4 और 5 पर विकास कार्य प्रस्तावित हैं। प्रशासन ने एक सख्त नीतिगत फैसला लिया है कि पेड़ों की कटाई की अनुमति तब तक नहीं दी जाएगी जब तक कि पहले से तय संख्या में नवे पेड़ न लगा दिए जाएं, डेवलपर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अक्षय नाईक ने पैरवी की।

सत्यापन के लिए संयुक्त निरीक्षण

दोनों पक्षों की दलीलों के बाद हाई कोर्ट ने दावों की सच्चाई का पता लगाने के लिए संयुक्त रूप से निरीक्षण करने का आदेश जारी किया। कोर्ट ने कहा कि इसमें अदालत मित्र धांडे, मनपा के जिम्मेदार अधिकारी और प्रतिवादी डेवलपर के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह टीम उन सभी स्थलों का व्यक्तिगत दौरा करेगी जहां पेड़ लगाने का दावा किया गया है। इस संयुक्त जांच की रिपोर्ट के आधार पर ही जून की सुनवाई में आगे का निर्णय लिया जाएगा।

रोक दी गई कटाई की अनुमति

अधि, कासट ने कहा कि चूंकि प्लॉट 3 और 4 में पौधारोपण का अनुपालन शून्य रहा है। इसलिए वहां पेड़ों की कटाई की अनुमति रोक दी गई है। इस मामले में प्रतिवादी डेवलपर और मनपा द्वारा दिए गए हलफनामों में भारी विरोधाभास होने की आपत्ति अदालत मित्र की और से जताई गई। उन्होंने कहा कि डेवलपर ने अपने हलफनामे में पेड़ों की जू' (चिडियाघर) क्षेत्र में लगाने की अनुमति मांगी थी।

इसके विपरीत नागपुर मनपा का दावा है कि पेड़ किसी अन्य स्थान पर लगाए गए है। इसके अलावा, अदालत में यह भी शंका व्यक्त की गई है कि जहां 6,000 पेड़ लगाए जाने का दावा किया जा रहा है वहां वास्तव में शायद 1,000 पेड़ ही मौजूद डी। दावों में इस भारी अंतर के कारण ही पौधारोपण की सत्यता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

आंकड़ों के अनुसार पौधारोपण का लक्ष्य

  • प्लॉट नंबर 5: 73 पेड़ों की कटाई के एवज में 2.561 पेड़ लगाए जाने हैं।
  • प्लॉट नंबर 4: 67 पेड़ों की कटाई के बदले 2,610 पेड़ लगाने का लक्ष्य है।
  • प्लॉट नंबर 3 इस प्लॉट के लिए 4,800 पेड़ों का अनिवार्य पौधारोपण किया जाना है।

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