हाई कोर्ट (फाइल फोटो) 
नागपुर

Nagpur: स्वागत लॉन से देशपांडे सभागृह तक...हाई कोर्ट ने गिनाए 13 नाम, अब गिरेगी कार्रवाई की गाज

Nagpur High Court Noise Pollution Case: नागपुर हाई कोर्ट की प्रशासन को फटकार! सिविल लाइंस के 13 लॉन्स और क्लबों पर कार्रवाई में विफल रहा प्रशासन। ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए कड़े निर्देश जारी।

प्रिया जैस

Civil Lines Lawns List: सिविल लाइंस स्थित 13 लॉन्स और क्लब के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश हाई कोर्ट की ओर से जारी किया गया था। यहां तक कि इन 13 लॉन्स और क्लब के नाम भी प्रशासन द्वारा उजागर किए गए किंतु आदेशानुसार कार्रवाई नहीं होने पर अब हाई कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है।

हाई कोर्ट ने सिविल लाइंस जैसे अति-संवेदनशील और पॉश इलाके में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण और लोगों को इससे होने वाली परेशानी पर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष भी व्यक्त किया है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि जहां जिलाधिकारी, मनपा आयुक्त और पुलिस आयुक्त जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के आवास हैं वहां भी प्रशासन इन लॉन्स पर नकेल कसने तथा इन्हें नियंत्रित करने में विफल रहा है।

13 प्रतिष्ठानों पर कोर्ट की नजर

न्यायाधीश अनिल पानसरे और न्यायाधीश निवेदिता मेहता ने 3 जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि सिविल लाइंस क्षेत्र के विभिन्न लॉन्स, क्लब और सभागारों में नियमित रूप से विवाह और अन्य समारोहों का आयोजन हो रहा है। अदालत ने विशेष रूप से 13 प्रमुख प्रतिष्ठानों का नाम लिया जिनमें स्वागत लॉन्स एंड हॉल, गोंडवाना क्लब, सीपी क्लब, लेडीज क्लब, ग्रेट ग्रैंड लॉन, सीजन लॉन, सरपंच भवन, सृष्टि लॉन, ऑफिसर्स क्लब, प्रेस्टीज हॉल एंड लॉन, जवाहर विद्यार्थी सभागृह, सतपुड़ा लॉन और देशपांडे सभागृह शामिल हैं। इन स्थानों पर डीजे, डॉल्बी साउंड और लाउडस्पीकरों के अत्यधिक उपयोग से भारी ध्वनि प्रदूषण हो रहा है।

अधिकारियों को कड़ी फटकार और कार्रवाई के निर्देश

सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रशासन को फटकार लगाते हुए कहा कि यह प्रदूषण न केवल इंसानों के लिए बल्कि जानवरों के स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। मनपा की पैरवी कर रहे वकील ने अदालत को बताया किया कि गोंडवाना क्लब, सीपी क्लब और लेडीज क्लब के पास आवश्यक अनुमतियां हैं, जबकि अन्य 10 प्रतिष्ठानों की अनुमतियों की जांच चल रही है। अदालत ने मनपा को इस मामले में विस्तृत हलफनामा पेश करने के लिए समय प्रदान कर सुनवाई स्थगित कर दी।

कड़े कदम उठाने का आदेश

हाई कोर्ट ने भविष्य में नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए कुछ ठोस निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि सभी क्लब और हॉल संचालकों से लिखित शपथपत्र लिया जाए कि वे ध्वनि प्रदूषण नियमों का उल्लंघन नहीं करेंगे और उल्लंघन की स्थिति में कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहेंगे।

इसी तरह से नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के नाम सार्वजनिक करने के लिए एक समर्पित वेबसाइट बनाई जाए जो आम जनता के लिए उपलब्ध हो। अदालत ने सख्त लहजे में कहा है कि ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन कड़ाई से सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

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