पुरानी पेंशन योजना, कर्मचारी आंदोलन( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
नागपुर

नागपुर में कर्मचारियों की हड़ताल, OPS समेत 18 मांगों पर कामकाज ठप; सरकार पर बढ़ा दबाव

Nagpur Government Employees Protest: नागपुर में सरकारी कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से कामकाज ठप। पुरानी पेंशन समेत 18 मांगों को लेकर आंदोलन, राजस्व पर भी असर।

अंकिता पटेल

Nagpur Old Pension Scheme: नागपुर जिले में राज्य सरकार के विविध विभागों के कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार से पूर्व घोषित अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। इससे सरकारी कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ और आम नागरिकों के कार्य भी लटक गए, कर्मचारी संगठनों का दावा है कि इस हड़ताल के कारण जिले में सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान भी हुआ।

राज्य कर्मचारी संगठन ने अपनी 18 प्रलंबित मांगों को पूरा करने का ज्ञापन राज्य सरकार को सौंपा है। इन मांगों में पुरानी पेंशन योजना लागू करना, सभी रिक्त पदों को तुरंत भरना, संविदा कर्मचारियों को नियमित करना, प्रतीक्षा सूची के पात्र उम्मीदवारों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति देना, सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष करना, शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों के लिए 10, 20, 30 वर्ष की आश्वासित प्रगति योजना लागू करना, छठे वेतन आयोग से लंबित लिपिक वर्ग के वेतन संबंधी त्रुटियां दूर करना आदि शामिल हैं।

हड़ताल के पहले ही दिन नागपुर जिला राजस्व तृतीय श्रेणी कर्मचारी संगठन के नेतृत्व में राजस्व सहायक, सहायक राजस्व अधिकारी, वाहन चालक सहित 615 से अधिक कर्मचारियों ने 100 प्रतिशत हड़ताल में भाग लेने का दावा किया।

विभागों में सन्नाटा जिलाधिकारी कार्यालय में राजस्व तृतीय श्रेणी कर्मचारी संघटना के अध्यक्ष देवेंद्र शिंदोडकर और महासचिव राज डोमणे के नेतृत्व में नारेबाजी और प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों के हड़ताल पर होने से जिलाधिकारी कार्यालय के खनिकर्म, नजूल, नगर विकास विभाग, राजस्व शाखा, भूमि अधिग्रहण शाखा आदि विभागों में सन्नाटा दिखाई दिया।

इससे नागरिकों के कार्य बड़े पैमाने पर प्रभावित हुए, तहसील कार्यालय स्तर से मिलने वाले विभिन्न प्रमाणपत्र जैसे आय प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र आदि नागरिकों को नहीं मिल सके, इसके अलावा गौण खनिजों से सरकार को मिलने वाले करोड़ों रुपये के राजस्व पर भी असर पड़ा। कुल मिलाकर यदि कर्मचारियों की हड़ताल जारी रही, तो सरकार का राजस्व नुकसान बढ़ेगा और नागरिक तथा प्रशासनिक कार्य और अधिक प्रभावित होंगे।

संविधान चौक पर प्रदर्शन

राज्य सरकारी कर्मचारी केंद्रीय संगठन के नेतृत्व में सुबह से ही संविधान चौक पर कर्मचारियों ने आदोलन शुरू किया, हडताल में शामिल विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने चरना देते हुए सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जिला परिषद में हड़ताल का असर नजर नहीं आया, संगठन के हड़ताल में शामिल नहीं होने के चलते कामकाज सुचारु रहा। अन्य संगठन नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक मांगे पूरी नहीं की जाती, कामबंद हड़ताल जारी रहेगी।

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