पनीर की जगह चीज एनालॉग ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
नागपुर

पनीर के नाम पर धोखा! नागपुर में 'चीज एनालॉग' परोसने वालों पर FDA सख्त, अब बताना होगा सच

Nagpur Cheese Analogue vs Paneer: नागपुर में एफडीए ने पनीर की जगह 'चीज एनालॉग' पर सख्ती बढ़ाई है। अब होटल-रेस्टोरेंट को ग्राहकों को सही जानकारी देना अनिवार्य होगा।

अंकिता पटेल

Nagpur Fake Paneer Issue: यदि रेस्टोरेंट या होटल में पनीर समझकर किसी डिश का आनंद ले रहे हैं तो यह खबर महत्त्वपूर्ण है। अक्सर यह देखा गया है कि कई खाद्य प्रतिष्ठान असली पनीर के बजाय 'चीज एनालॉग' का उपयोग कर रहे हैं।

यह ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अन्न एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) नागपुर विभाग ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। जानकारी देना अब अनिवार्य एफडीए के अनुसार कई सैंपल्स की जांच में यह सामने आया है कि पनीर के स्थान घर 'चीज एनालॉग' का उपयोग किया जा रहा है जिससे ग्राहकों को ऐसा आभास होता है कि वे दूध से बना उत्पाद खा रहे हैं।

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत अब सभी रेस्टोरेंट, होटल, कैटरर्स और फास्ट फूड विक्रेताओं को कई नियमों का अनिवार्य पालन करना होगा।

क्या होता है चीज एनालॉग

चीज एनालॉग दिखने में पनीर या चीज जैसा ही होता है लेकिन यह पूरी तरह दूध से नहीं बना होता। इसमें अवसर वनस्पति तेल, स्टार्च एवं अन्य कृत्रिम तत्यों का मिश्रण होता है, यह असली पनीर की तुलना में सस्ता पड़ता है जिसका फायदा उठाकर कुछ व्यवसायी ग्राहकों को गुमराह करते है।

मेनू कार्ड पर स्पष्ट उल्लेख

यदि पनीर के स्थान पर चीज एनालॉग (मिश्रित तत्वों से बना विकल्प) का उपयोग किया जा रहा है तो इसकी जानकारी मेनू कार्ड, इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड या ऑर्डरिंग मशीन पर स्पष्ट रूप से देनी होगी।

सामग्री की जानकारी

ग्राहकों को यह जानने का अधिकार है कि वे क्या खा रहे है, इसलिए डिश में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और पोषण संबंधी जानकारी प्रदर्शित करनी होगी।

नियमों का उल्लंघन पड़ेगा भारी

एफडीए नागपुर विभाग के संयुक्त आयुक्त कृष्णा जयपुरकर ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का पालन न करने वाले व्यवसाथियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है।

सभी खाह व्यवसायी को तुरंत मेनू कार्ड और डिस्प्ले बोर्ड में आवश्यक करने को कहा गया है।

7.8% नहीं 2.6% है GDP ग्रोथ, आंकड़ों में हेरफेर कर झूठ परोस रही मोदी सरकार? जानें क्यों मचा है सियासी बवाल

Ram Mandir Trust Decisions: पहले CEO जितेंद्र मिश्रा, गोविंद गिरी महासचिव, राम मंदिर में किसे क्या जिम्मेदारी?

भावनगर पारा यार्ड रिमॉडलिंग को रेलवे की मंजूरी; ₹125 करोड़ से होगा अपग्रेड, जानें प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं

Kal Ka Mausam : यूपी-बिहार समेत 19 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, 70 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मोदी कैबिनेट में फेरबदल की तैयारी... नितिन गडकरी का बदलेगा मंत्रालय! महाराष्ट्र से किसे मिलेगी जगह?