DJ Ban Sound Pollution And Restrictions: सीएम ने पुणे के नागरिकों से डीजे की बजाय पारंपरिक वाद्य यंत्रों का उपयोग करने की अपील क्या की, उनके ही शहर में उनकी पार्टी नेताओं के बीच दंगल शुरू हो गया है।
पुलिस आयुक्त ने भी पूर्व विधायक संदीप जोशी की मांग पर डीजे और लेजर बीम लाइट पर 1 नवंबर तक पाबंदी का आदेश जारी कर दिया था, जबकि भाजपा विधायक प्रवीण दटके और शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी ने उस आदेश को मानने से इनकार कर दिया।
तिवारी पुलिस आयुक्त से मिले तो उन्होंने बेस बंद कर डीजे शुरू रखने की इजाजत दे दी लेकिन जोशी पाबंदी आदेश को स्थायी तौर पर जारी रखने की मांग को लेकर फिर सीपी से मिले। इधर, विधायक दटके ने तो अपने क्षेत्र में दही-हांडी समारोह में जमकर डीजे बजाया।
सीएम सिटी के नागरिक समझ नहीं पा रहे हैं कि सत्ताधारी पार्टी के नेता डीजे को लेकर दंगल क्यों कर रहे हैं। एक बोल रहा बंद करो, दूसरा बोल रहा बजेगा और तीसरे ने तो बजाकर ही दिखा दिया।
शहर में डीजे और साउंड सिस्टम पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग को लेकर भाजपा शहराध्यक्ष दयाशंकर तिवारी के नेतृत्व में पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल को ज्ञापन सौंपा गया।
उन्होंने दावा किया कि चर्चा में डीजे और साउंड सिस्टम के इस्तेमाल को लेकर सकारात्मक समाधान निकाला गया। नागरिकों को सबसे अधिक परेशानी देने वाले तथा अधिक कंपन (वाइब्रेशन) और ध्वनि प्रदूषण पैदा करने वाले बेस साउंड पर प्रतिबंध कायम रहेगा, जबकि टॉप और मिडल साउंड सिस्टम के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं रहेगा, ऐसा आश्वासन पुलिस आयुक्त ने दिया।
इस निर्णय से ध्वनि प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी और नागरिकों को होने वाली परेशानी भी कम होगी। डीजे और साउंड सिस्टम के व्यवसाय से जुड़े अनेक व्यवसायियों, कामगारों और उनके परिवारों के रोजगार पर भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
सीपी ने आश्वस्त किया है कि ये नियम केवल किसी विशेष उत्सव तक सीमित न रखते हुए आगामी 365 दिनों तक सभी के लिए समान रूप से लागू रहेंगे। तिवारी ने तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने के लिए पुलिस आयुक्त का आभार व्यक्त किया।
इस दौरान विधायक कृष्णा खोपड़े, प्रवीण दटके, श्रीकांत आगलावे, रितेश गावंडे, संदीप जाधव, बाल्या बोरकर, लक्ष्मी यादव, दिलीप दिवे सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।।
इधर, संदीप जोशी एक बार फिर नागपुर मनपा व पुलिस आयुक्त के पास पहुंच गए। उन्होंने मांग की कि डीजे की कर्णकर्कश आवाज से होने वाले ध्वनि प्रदूषण और उससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को देखते हुए नागपुर में डीजे पर लगाया गया प्रतिबंध केवल 2 महीने तक सीमित न रखते हुए इसे स्थायी किया जाए।
जोशी ने कहा कि डीजे पर स्थायी प्रतिबंध के लिए अब जन आंदोलन के माध्यम से इस मांग को आगे बढ़ाया जाएगा। जोशी ने दावा किया कि पुलिस आयुक्त नांगरे पाटिल ने स्पष्ट किया कि अपने अधिकार क्षेत्र में फिलहाल 60 दिनों का प्रतिबंध लगाया गया है और इसके बाद इस आदेश को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से 'साउंड सिस्टम' और 'डीजे' के बीच अंतर समझने की भी अपील की।
शिष्टमंडल में आईएमए महाराष्ट्र की अध्यक्ष डॉ. मंजुषा गिरी, आईएमए के अध्यक्ष डॉ. सचिन गाठे, विदर्भटैक्सपेयर्स एसोसिएशन के सचिव तेजिंदर सिंह रेणु, डॉ. अजय देशपांडे, डॉ. गोपाल अरोरा, सीएजी नागपुर के विवेक रानडे सहित डॉक्टर, व्यवसायी, स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।