नागपुर एयरपोर्ट के करीब 19,500 वर्गमीटर टर्मिनल क्षेत्र का होगा नवीनीकरण।
2 नए प्रवेश द्वार और 4 स्वचालित बैगेज ड्रॉप काउंटर बनाने की योजना।
5 सेल्फ चेक-इन कियोस्क और 4 नई एक्स-रे मशीनें लगेंगी।
बस से विमान तक पहुंचने वाले बोर्डिंग गेट 2 से बढ़ाकर 4 किए जाएंगे।
वित्तीय प्रक्रिया और डिजाइन तैयार; नियामक मंजूरी के बाद काम शुरू होने की तैयारी।
Nagpur Airport Terminal Renovation GMR GNIAL Upgrade: नागपुर एयरपोर्ट पर यात्री सुविधाएं और परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए टर्मिनल के 19,500 वर्गमीटर क्षेत्र का नवीनीकरण प्रस्तावित है। योजना में 4 नए बैगेज ड्रॉप काउंटर, 5 सेल्फ चेक-इन कियोस्क, 4 एक्स-रे मशीनें और बोर्डिंग गेट की संख्या 2 से बढ़ाकर 4 करना शामिल है। नियामक मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू होगा।
नागपुर डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और परिचालन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की तैयारी तेज हो गई है। जीएमआर एयरो समूह की कंपनी जीएमआर नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (जीएनआईएएल) ने टर्मिनल के व्यापक नवीनीकरण की योजना तैयार की है। इसके तहत चेक-इन, सुरक्षा जांच, बोर्डिंग और आगमन क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
जीएनआईएएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीकांत भांडारकर के अनुसार, पिछले तीन महीनों में भी यात्रियों के सफर को आसान बनाने के लिए कई सुधार किए गए हैं। अब टर्मिनल के नवीनीकरण के जरिए क्षमता बढ़ाने और यात्रियों का अनुभव बेहतर करने पर जोर है।
प्रस्तावित योजना के तहत मौजूदा टर्मिनल के लगभग 19,500 वर्गमीटर क्षेत्र का नवीनीकरण किया जाएगा। इसमें 4 स्वचालित बैगेज ड्रॉप काउंटर और 5 सेल्फ चेक-इन कियोस्क लगाए जाएंगे। सुरक्षा जांच की क्षमता बढ़ाने के लिए 4 नई एक्स-रे मशीनें भी जोड़ी जाएंगी। इनमें 3 घरेलू और 1 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के यात्रियों के लिए होगी।
इसके अलावा, प्रस्थान क्षेत्र में 2 नए प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। टर्मिनल के सामने पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ क्षेत्र का विस्तार, शौचालयों का आधुनिकीकरण तथा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए अलग-अलग लाउंज बनाने की योजना है।
बस से विमान तक यात्रियों को ले जाने की व्यवस्था के तहत बोर्डिंग गेट की संख्या 2 से बढ़ाकर 4 की जाएगी। इससे यात्रियों की आवाजाही को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कंपनी के अनुसार, नवीनीकरण के लिए वित्तीय प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, डिजाइन तैयार है और ठेकेदारों की नियुक्ति भी की जा चुकी है। अब आवश्यक नियामक मंजूरियों का इंतजार है। पहले चरण का काम शुरू होने के बाद इसे 12 से 18 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नागपुर एयरपोर्ट पर डिजी यात्रा के फेस रिकग्निशन ई-गेट की प्रक्रिया को सुगम बनाया गया है। चेक-इन, सुरक्षा जांच, इमिग्रेशन और बोर्डिंग गेट पर सहायता प्रतिनिधि तैनात किए गए हैं। सामान व्यवस्थित करने के लिए अतिरिक्त टेबल, अलग-अलग आकार की ट्रे और बड़े सामान के लिए 4 विशेष ट्रॉलियां उपलब्ध कराई गई हैं।
टर्मिनल में बेहतर रोशनी, बोर्डिंग गेट पर बैठने की व्यवस्था, एयरोब्रिज में नए कारपेट, चौबीसों घंटे सफाई और नया कीट नियंत्रण कार्यक्रम भी लागू किया गया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए एमबीबीएस डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और तकनीशियन 24 घंटे उपलब्ध रखने की व्यवस्था की गई है।